नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में चल रहे 2026 एएफसी (AFC) महिला एशियाई कप में, ईरान की महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने दक्षिण कोरिया की महिला टीम के खिलाफ अपने उद्घाटन मैच से पहले राष्ट्रीय गान बजने के दौरान चुपचाप खड़े रहे। महत्त्वपूर्ण है कि यह पहली बार नहीं है इससे पहले 2022 के पुरुष विश्व कप में भी ईरानी खिलाड़ियों ने इसी तरह का विरोध प्रदर्शन किया था।
यह कार्यवाही ईरान में चल रही तीव्र राजनीतिक उथल-पुथल और संघर्ष के बीच हुई।खिलाड़ियों ने गान गाने या होंठ हिलाने से परहेज किया, लेकिन सम्मानपूर्वक खड़े रहे। इस मैच में ईरान को दक्षिण कोरिया से तेजी गोलों से शिकस्त मिली।
ऑस्ट्रेलिया में हो रहे विमेंस एशियन कप 2026 में ईरानी महिला फुटबॉल टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले राष्ट्रगान नहीं गाया। कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों का यह मौन प्रदर्शन ही में ईरान पर हुए बाहरी सैन्य हमलों और देश के भीतर जारी अस्थिरता के कारण खिलाड़ी गहरे तनाव और दुख में थे।
कुछ लोगों का यह भी कहना था कि यह कदम ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों और मानवाधिकारों के हनन के प्रति एकजुटता दिखाने का एक तरीका था। खिलाड़ियों ने चुप रहकर शासन के प्रति अपनी असहमति दर्ज कराई।
कई पर्यवेक्षकों ने इसे मार्मिक और प्रतीकात्मक इशारा माना है। स्टेडियम में कुछ समर्थकों ने ईरान के इस्लामिक क्रांति पूर्व युग के झंडे लहराए, जो वर्तमान शासन के प्रति असंतोष का संकेत था।टीम की मुख्य कोच मारज़ियेह जाफरी ने राष्ट्रीय संकट या गान वाले मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और केवल फुटबॉल तथा टीम के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।











