ईरान का इजरायल पर बड़ा दावा, नेतन्याहू के कार्यालय को निशाना बनाया

Iran–Israel war : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान ने पलटवार तेज कर दिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली वायु सेना के कमांडर के मुख्यालय को बैलिस्टिक मिसाइलों से टारगेट किया है। IRGC के बयान के अनुसार, ये हमला ‘केहिबर (Kheibar) मिसाइलों से किया गया, जो इजरायल के आयरन डोम सिस्टम को भेदने में सक्षम मानी जाती हैं।

ईरानी मीडिया में दावा किया गया है कि ये दसवीं लहर का हमला था, जिसमें तेल अवीव में सरकारी परिसर, हाइफा के सुरक्षा केंद्र और पूर्वी यरुशलम के इलाकों को भी निशाना बनाया गया जबकि IRGC ने कहा कि नेतन्याहू का भविष्य अब अस्पष्ट हो गया है और इजरायली नेतृत्व में हड़कंप मचा हुआ है।

इस बीच, इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि ईरान की ये कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन हैं और जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर जघन्य अपराध किए जा रहे हैं। IDF ने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों से वैश्विक शांति और मानवता के साझा मूल्यों को गहरा खतरा है, जो भविष्य को अंधकारमय बना सकता है।

इधर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत के बाद स्थिति और भयावह हो गई है। खामनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल की संयुक्त हवाई कार्रवाई में हुई थी, जिसके बाद ईरान में शोक और गुस्से की लहर है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बयान जारी कर कहा ‘हमारे वीर लोग महान नेता अयातुल्लाह खामनेई की कायरतापूर्ण हत्या पर शोक मना रहे हैं। साथ ही, दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में अमेरिकी-इजरायली मिसाइल हमलों से 165 निर्दोष बच्चों की मौत का दुख भी व्यक्त कर रहे हैं।’

प्रवक्ता ने आगे कहा कि इजरायल और अमेरिका आवासीय इलाकों, अस्पतालों, स्कूलों, रेड क्रिसेंट सुविधाओं और सांस्कृतिक स्थलों पर अंधाधुंध हमले जारी रखे हुए हैं, जो मानवीय आपदा का रूप ले चुके हैं। ईरान ने इन हमलों को नरसंहार करार दिया है और बदला लेने की कसम खाई है।

ये संघर्ष अब क्षेत्रीय स्तर पर फैल चुका है। लेबनान में हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे हैं, जबकि खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर कार्रवाई कई हफ्तों तक चल सकती है जबकि इससे और अधिक हताहत होने की आशंका जताई है। इस संघर्ष के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। ये युद्ध अब सिर्फ इजरायल-ईरान तक सीमित नहीं रहा बल्कि ये पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले रहा है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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