इजरायल-अमेरिका के हमले में सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, हमले में बेटी दामाद और पोती-बहू भी मारे गए

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लेंस इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बाद ईरानी मीडिया ने दावा किया है इजरायली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं। सेना ने भी स्वीकार किया है कि सुप्रीम लीडर शहीद हो गए हैं। सेना ने ऐलान किया है कि बदला लिया जाएगा और थोड़ी देर में बड़ा हमला करेंगे।

ईरानी मीडिया ने कहा है कि ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक मनाया जाएगा। वहीं 7 दिनों की छुट्टी रहेगी।

इससे पहले ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई मारा गया है।’

हालांकि ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया था।

Bbc , CNN, aljazeera सहित दुनिया अनेक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से लिखा है। प्रवक्ता ने कहा कि सुप्रीम लीडर जिंदा हैं और सुरक्षित स्थान पर मौजूद हैं।

ईरान की सरकारी एजेंसी ने कहा है कि इजरायली हमलों में खामेनेई के बेटी दामाद और पोती बहू की मौत हुई है।

ट्रंप के इस दावे को ईरानी मीडिया ने पूरी तरह से खारिज करते हुए मनोवैज्ञानिक लड़ाई का हिस्सा बताया।

इन दावों के बीच खामेनेई का एक वीडियो आया है जिसमें वे कहते दिख रहे हैं कि अब इजरायल को नक्शे से मिटा देने का टाइम आ गया है। मैं देख रहा हूं कि दुनिया को इजरायल तबाह कर रहा है। मुस्लिम देशों ने मुझे सपोर्ट नहीं किया बल्कि वे दुश्मनों की मदद की है।

सीएनएन की लाइव अपडेट्स में ट्रंप के बयान का जिक्र है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि खामेनेई और राष्ट्रपति ‘सुरक्षित और ठीक’ हैं।

बीबीसी ने रिपोर्ट किया कि ट्रंप के दावे के बाद भी ईरान ने खामेनेई की मौत की पुष्टि नहीं की है।

ईरान की तस्नीम और मेहर न्यूज़ एजेंसियों ने रिपोर्ट किया कि खामेनेई ‘क्षेत्र में कमांड देते हुए दृढ़ और मजबूत’ बने हुए हैं।

इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपने संबोधन में कहा था कि ऐसे सबूत मिले हैं कि खामेनेई के मारे जाने की संभावना है।

इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार करीब 200 लड़ाकू विमानों ने लगभग 500 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस सैन्य अभियान को इजरायल ने ‘लायन रोअर’ नाम दिया है, जबकि अमेरिका ने अपने ऑपरेशन को ‘एपिक फ्यूरी’ बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में इजरायली अधिकारियों के हवाले से खामेनेई की मौत का दावा भी किया गया, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ईरान की सरकारी एजेंसी ने कहा है कि इजराइली हमलों में खामेनेई के परिवार के कुछ सदस्य मारे गए हैं।

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों में 200 से ज्यादा लोगों की मौत और 740 से अधिक लोग घायल हुए हैं। वहीं जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजराइल पर सैकड़ों मिसाइलें दागने के साथ कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया।

86 वर्षीय खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे और देश की राजनीतिक, सैन्य तथा धार्मिक व्यवस्था में अंतिम निर्णय उन्हीं का होता था।

यह भी पढ़ें : नेतन्याहू का दावा – खामेनेई के मारे जाने की संभावना, दावे को ईरान ने किया खारिज, ट्रंप बोले – ऑपरेशन लंबे समय तक चल सकता है

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