नई दिल्ली। जेफरी एपस्टीन से जुड़ी विवादास्पद फाइलों को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जबकि पुरी ने इन दावों को बेबुनियाद बताया लेकिन यह स्वीकर भी किया कि उनकी मुलाकात जेफरी एपस्टीन से हुई थी।
राहुल गांधी ने लोकसभा के बजट सत्र के दौरान एपस्टीन फाइल्स का हवाला देते हुए दावा किया कि अमेरिकी न्याय विभाग की फाइलों में हरदीप सिंह पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम शामिल है। राहुल के मुताबिक, यह दबाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के लिए बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी प्रमाणित है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। गांधी ने आगे आरोप लगाया कि एपस्टीन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई न होने से देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
हरदीप सिंह पुरी की सफाई
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी के आरोपों को ‘बकवास’ और ‘मनोरंजक’ बताते हुए खारिज कर दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरी ने कहा कि उन्होंने एपस्टीन से केवल तीन-चार बार मुलाकात की, जो पूरी तरह से पेशेवर थीं।
ये बैठकें उनके अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान (आईपीआई) में सचिव के रूप में काम करने के दौरान हुईं, जहां वे संयुक्त राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते थे। पुरी ने जोर देकर कहा कि इन मुलाकातों का एपस्टीन के आपराधिक गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने गांधी को पिछले साल नवंबर में भेजी गई एक चिट्ठी का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपना पक्ष स्पष्ट किया था।
2008 में साबित हो गए थे एपस्टीन पर आरोप
जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर थे, जिन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप लगे। 2005 में फ्लोरिडा पुलिस ने जांच शुरू की, जब एक 14 साल की लड़की के माता-पिता ने शिकायत की। 2006 में उन्हें वेश्यावृत्ति के लिए गिरफ्तार किया गया। 2008 में एपस्टीन ने एक समझौते के तहत दोष स्वीकार किया, जहां उन्हें वेश्यावृत्ति और नाबालिग से वेश्यावृत्ति के आरोप में दोषी ठहराया गया। उन्हें 18 महीने की सजा मिली, लेकिन ज्यादातर समय काम पर जाने की छूट के साथ। 2019 में नए फेडरल चार्जेस पर गिरफ्तारी हुई, लेकिन जेल में उनकी मौत हो गई, जिसे आत्महत्या माना गया। एपस्टीन के दस्तावेजों में कई प्रमुख लोगों के नाम उजागर हुए हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर व्यावसायिक या सामाजिक संपर्कों से जुड़े हैं।
2015 से 2017 के बीच मुलाकात
हरदीप सिंह पुरी की एपस्टीन से मुलाकातों पर अल जरीरा ने 2 फरवरी की अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह मुलाकात मुख्य रूप से 2014 से 2017 के बीच हुईं, जब पुरी आईपीआई में काम कर रहे थे।
4 फरवरी 2015 को एपस्टीन के न्यूयॉर्क स्थित टाउनहाउस में पहली बैठक हुई। 6 जनवरी 2016 को दूसरी मुलाकात, जहां व्यावसायिक अवसरों पर चर्चा हुई। और 19 मई 2017 को तीसरी बैठक, जिसमें भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का जिक्र था।
ये बैठकें ईमेल्स के जरिए तय हुईं, जो रीड हॉफमैन जैसे निवेशकों से जुड़ी थीं। ईमेल का आदान-प्रदान जून 2014 में शुरू हुआ था।










