बीजापुर। बस्तर में चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन (Anti Naxal Operation) के तहत बीजापुर के कावरगट्टा–गुंडराज गुड़ेम जंगल पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में पामेड़ एरिया कमेटी के दो कुख्यात माओवादी कैडर मारे गए हैं। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि पामेड़ एरिया कमेटी के सशस्त्र माओवादी कैडरों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर 28 जनवरी 2026 की शाम DRG की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
उन्होंने बताया कि 29 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे से DRG जवानों और माओवादियों के बीच लगातार फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल से वर्दीधारी दो माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की प्रारंभिक पहचान 5 लाख रुपए के ईनामी पामेड़ एरिया कमेटी सदस्य प्रदीप उर्फ जोगा और पामेड़ एरिया कमेटी के पार्टी मेंबर भीमा वेको हैं।
दोनों माओवादी कैडर कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की हत्या सहित कई हिंसक घटनाओं में संलिप्त बताए जा रहे हैं।
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने 1 नग AK-47 रायफल, 1 नग 9 एमएम पिस्टल, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री, अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है।
बस्तर रेंज के आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि मुठभेड़ में मारे गए दोनों माओवादी नागरिकों की हत्याओं और कई गंभीर हिंसक घटनाओं में शामिल थे। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियानों के चलते माओवादी संगठन अब कमजोर पड़ रहा है।
आईजी ने शेष माओवादी कैडरों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति अपनाने की अपील भी की।
फिलहाल DRG, बस्तर फाइटर्स और CRPF की अतिरिक्त टीमों द्वारा पूरे इलाके में व्यापक और गहन सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि क्षेत्र में मौजूद अन्य माओवादी कैडरों की तलाश की जा सके।
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