नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा है कि राज्य में चुनावी मतदाता सूची के दौरान चार से पांच लाख मियां वोटरों को हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा और बीजेपी सीधे तौर पर मियों के खिलाफ हैं और लोगों से मियों को परेशान करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि अगर उन्हें परेशान किया जाएगा तभी वे असम छोड़ देंगे।
सारमा ने तिनसुकिया ज़िले के डिग्बोई में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा कि मियां समुदाय जो असम में आमतौर पर बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए अपमानजनक रूप से इस्तेमाल होने वाला शब्द है को असम में मतदान नहीं करने देना उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि उन्हें असम में वोट नहीं डालने दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी कांग्रेस पार्टी चाहे जैसा भी उन्हें गालियां दे, मेरा काम मियां लोगों को तकलीफ़ देना है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के दायरे में रहते हुए मियाँ समुदाय के लिए कठिनाइयां पैदा करेगी।
सरमा ने कहा कि जो भी उन्हें किसी भी तरह से परेशान कर सकता है, करे। अगर रिक्शा का भाड़ा 5 रुपए है तो उन्हें 4 रूपये दीजिए। तभी वे परेशान होंगे और असम छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोग उन्हें परेशान नहीं करेंगे तो मियां लोग असम के अन्य हिस्सों जैसे दुलियाजन तक पहुंच रहे हैं।
विपक्ष ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों की तीखी आलोचना की है। असम के विधायकों और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐसे बयान भारतीय संविधान के खिलाफ हैं और किसी समुदाय को लक्षित करना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
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