27 साल सेवा देने के बाद सुनीता विलियम्स ने नासा से लिया रिटायरमेंट

Sunita Williams Retirement: भारतीय मूल की मशहूर नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी और सफल सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले लिया है। उनका रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गया। नासा ने 20 जनवरी 2026 को इसकी घोषणा की ।

सुनीता विलियम्स ने तीन अलग-अलग मिशनों में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर कुल 608 दिन बिताए, जो नासा के अंतरिक्ष यात्रियों में दूसरे नंबर पर है। नासा के नए प्रमुख जैरेड इसाकमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष यात्रा की एक trailblazer यानी अग्रणी बताया है। उन्होंने कमर्शियल स्पेस मिशनों के लिए रास्ता तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।सुनीता विलियम्स ने अपने करियर में कई रिकॉर्ड बनाए।

उन्होंने कुल 9 स्पेसवॉक किए, जिसमें 62 घंटे से ज्यादा समय बिताया। यह किसी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा सबसे ज्यादा स्पेसवॉक समय है। वे आईएसएस की कमांडर भी रहीं। उन्होंने अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ लगाई और कई वैज्ञानिक प्रयोग किए। उनका आखिरी मिशन Boeing स्टारलाइनर के साथ शुरू हुआ था, जो सिर्फ 10 दिनों का था, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण 286 दिन यानी करीब 9 महीने तक स्पेस स्टेशन पर रहना पड़ा। बाद में स्पेसएक्स की मदद से वे पृथ्वी पर लौटीं।

यह उनका तीसरा मिशन था, जिसमें उन्होंने धैर्य और साहस का परिचय दिया।रिटायरमेंट के बाद सुनीता विलियम्स फिलहाल भारत में हैं और इसे अपनी ‘घर वापसी’ बता रही हैं। उनकी उपलब्धियां न सिर्फ अमेरिका बल्कि भारत के लिए भी गर्व की बात हैं। कल्पना चावला के बाद वे भारतीय मूल की दूसरी महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष में इतना बड़ा योगदान दिया।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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