नई दिल्ली। हैरान मत होइए यह वीडियो पश्चिम बंगाल से है। चलती ट्रेन में भगवा रंग में नजर आ रहे यह लोग सार्वजनिक तौर पर तलवार लहरा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है एक ऐसे वक्त में जब 2000 प्लाटून सीआरपीएफ राज्य में तैनात है चारो तरफ भाजपा समर्थकों की हिंसा देखने को मिल रही है। सोमवार को नतीजों के ऐलान के कुछ घंटों बाद ही टीएमसी कार्यालयों पर हमले, आगजनी, तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं पर मारपीट की खबरें आने लगीं। पुलिस कह रही है शांति है वहीं चुनाव आयोग हाथ पर हाथ धरे बैठा है ।
आइए जानते हैं कि पिछले दो दिनों में क्या-क्या हुआ। ४ मई को गिनती शुरू होते ही कोलकाता, हावड़ा, आसनसोल, बिरभूम और अन्य जिलों में हिंसक घटनाएं सामने आईं। टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी समर्थकों ने उनके कई कार्यालयों को निशाना बनाया। कोलकाता के टॉलीगंज, कासबा, बरुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, हावड़ा और बहरामपुर में टीएमसी दफ्तरों पर हमले हुए। कुछ जगहों पर आग लगाई गई, फर्नीचर तोड़ा गया और कार्यकर्ताओं को पीटा गया।
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बिरभूम के नानूर में एक टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या का आरोप भी लगा। कोलकाता के पूर्वी इलाके में टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई भारी झड़प की लाइव तस्वीरें। भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है।
5 मई को हिंसा और बढ़ी। फाल्टा इलाके में टीएमसी नेता जहांगीर के दफ्तर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर धावा बोल दिया। दफ्तर पर कब्जा करने की कोशिश की गई और तोड़फोड़ हुई। गौरतलब है कि जहांगीर खान को बाहुबली के तौर पर देखा जाता है।
कुछ वीडियोज में मुस्लिम समुदाय के दुकानों, संपत्तियों और मस्जिदों पर हमलों के दृश्य भी सामने आए। लूटपाट और आगजनी की खबरें आईं। ये घटनाएं राज्य के विभिन्न हिस्सों से रिपोर्ट हुईं।
कलकत्ता के न्यू मार्केट इलाके में टीएमसी के यूनियन पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर चलाने का वीडियो वायरल हो गया। मीट की दुकानों के पास टीएमसी ऑफिस को निशाना बनाया गया। ये दृश्य दिखाते हैं कि राजनीतिक गुस्सा कितना गहरा है।
कुछ वीडियोज में आम नागरिकों के घरों पर हमले दिखाए गए हैं। बीजेपी की जीत के बाद अज्ञात बदमाशों ने घरों पर हमला किया, संपत्ति नष्ट की।
टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमलों की खबरें भी लगातार आ रही हैं। कोलकाता में एक पार्षद पर हमला किया गया अन्य इलाकों से भी विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने की खबरें मिल रही हैं।
पश्चिम बंगाल में दो दिनों में कुल मिलाकर दर्जनों जगहों पर हिंसा हुई। आसनसोल के जामुरिया में टीएमसी ऑफिस को आग लगा दी गई। बांकुड़ा में वोट गिनती के दौरान झड़प हुई। पुलिस ने भारी बल तैनात किया, लेकिन स्थिति नियंत्रण में आने में समय लग रहा है। चुनाव आयोग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख से रिपोर्ट मांगी है। ७० हजार पैरामिलिट्री फोर्स अभी भी तैनात हैं।टीएमसी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी ने इसे “संगठित साजिश” बताया है। उन्होंने बीजेपी पर कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। वहीं बीजेपी ने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है।
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की।ये हिंसा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी चोट पहुंचा रही है। आम लोग डर के साए में जी रहे हैं। दुकानें बंद हैं, स्कूल-कॉलेज प्रभावित हुए, और रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। पिछले दो दिनों में कम से कम एक हत्या और दर्जनों घायलों की खबर है। पुलिस ने कई मामलों में एफआईआर दर्ज की है, लेकिन अभी तक बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां नहीं हुई हैं।








