नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट ने दुनिया को आगाह किया है कि आने वाले वर्षों में कैंसर के मामलों में भारी वृद्धि होने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में हर पांचवें व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी कैंसर हो सकता है। कुल 92 प्रतिशत लोग या तो खुद इस बीमारी से प्रभावित होंगे या उनके परिवार के किसी सदस्य को कैंसर का सामना करना पड़ेगा।
वर्तमान में हर साल दुनिया भर में करीब 2.06 करोड़ नए कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं और 1 करोड़ लोगों की मौत हो रही है। WHO का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक ये आंकड़े बढ़कर 3.5 करोड़ नए मामलों तक पहुंच सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिक प्रगति और नई दवाओं के बावजूद करोड़ों मरीज अभी भी कैंसर के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक बोझ से जूझ रहे हैं।
WHO के कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम के प्रमुख डॉ. आंद्रे इल्बावी ने कहा, ‘कैंसर के बारे में हमेशा नई उम्मीद और नई तकनीक की बात की जाती है, लेकिन सच्चाई यह है कि लाखों-करोड़ों लोगों तक सही इलाज और देखभाल अभी भी नहीं पहुंच पा रही है।’
रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता असमानता को लेकर है। अमीर देशों में स्तन कैंसर या बच्चों के कैंसर से पीड़ित 85 प्रतिशत मरीज पांच साल तक जीवित रह लेते हैं, जबकि गरीब देशों में यह आंकड़ा 30 प्रतिशत से भी कम है। निम्न आय वाले देशों में जरूरी कैंसर दवाओं की उपलब्धता बहुत कम है और कई देशों में रेडिएशन थेरेपी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं।
दो-तिहाई देशों में स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में कैंसर का इलाज शामिल नहीं है। महंगे इलाज के कारण कई मरीज बीच में ही उपचार छोड़ देते हैं। मरीजों के परिवारों पर आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और देखभाल करने वालों पर भारी बोझ पड़ रहा है।
रिपोर्ट में कुछ अच्छी खबरें भी हैं। सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में प्रगति हो रही है, तंबाकू का उपयोग घट रहा है और ज्यादातर देशों ने अपना कैंसर नियंत्रण योजना बना ली है। WHO के विशेषज्ञों का कहना है कि 4 में से 1 कैंसर ऐसे कारणों से होता है जिन्हें रोका जा सकता है जैसे तंबाकू, शराब, संक्रमण और मोटापा।
WHO ने सरकारों से अपील की है कि वे कैंसर की रोकथाम, जल्दी पता लगाने और इलाज को प्राथमिकता दें तथा हर व्यक्ति तक सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएं।










