देश में कड़ाके की सर्दी की दस्तक, पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में ठिठुरन और दिल्ली में प्रदूषण चरम पर

December 14, 2025 12:41 PM

WEATHER UPDATE: देश के कई हिस्सों में सर्दी अब जोर पकड़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले हफ्ते से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होगा जो 17 दिसंबर से हिमालयी इलाकों को प्रभावित करेगा। इससे 18 से 20 दिसंबर तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में अच्छी बर्फबारी होने के आसार हैं। 21-22 दिसंबर के बाद बादल हटते ही तापमान तेजी से गिरेगा। उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और मध्य भारत तक पहुंचेंगी। इससे मैदानी इलाकों में ठंड काफी बढ़ जाएगी और तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री नीचे जा सकता है।हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बर्फबारी का अनुमान है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जिससे पारा और 2-3 डिग्री गिर सकता है।

कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ की शुरुआत

कश्मीर घाटी में 21 दिसंबर से सर्दी का सबसे सख्त दौर ‘चिल्लई कलां’ शुरू होगा। यह 40 दिन का समय होता है, जब भीषण ठंड पड़ती है, बर्फबारी होती है और पाला जमता है। इस दौरान डल झील जैसी जगहें जम सकती हैं। पिछली बार नवंबर में अच्छी बर्फबारी हुई थी, जब ऊपरी इलाकों का बड़ा हिस्सा बर्फ से ढक गया था। अब फिर 18-19 दिसंबर को बर्फबारी के आसार हैं।

मध्य भारत और राजस्थान में फिलहाल राहतराजस्थान और मध्य प्रदेश में अभी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से ठंड कम है। राजस्थान में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री बढ़ गया है। मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन पारा गिर रहा है। शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 4.7 डिग्री तक पहुंचा।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ा

इधर, दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। शनिवार शाम से GRAP के स्टेज-4 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। आनंद विहार में AQI 488 और बवाना में 496 तक पहुंच गया। GRAP-4 तब लागू होता है जब AQI 450 से ऊपर हो जाता है। इससे निर्माण कार्य, कुछ वाहनों की एंट्री पर रोक जैसी सख्ती बढ़ गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं और कम हवा की रफ्तार से प्रदूषण फंस रहा है। लोगों को सलाह है कि बाहर कम निकलें, मास्क पहनें और गर्म कपड़े इस्तेमाल करें।सर्दी का यह दौर स्वास्थ्य के लिए चुनौती भरा हो सकता है। बुजुर्गों और बच्चों का खास खयाल रखें।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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