देश भर में मॉनसून की मार, भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से आम जनजीवन बेहाल

Monsoon alert

द लेंस डेस्क। देश के हर एक कोने-कोने में मॉनसून ने दस्तक दे दी है। कहीं झमाझम बारिश तो कहीं बादल फटने और भूस्खलन ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD Weather Update ) ने अगले कुछ दिनों में राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ने से कई इलाकों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

उत्तर-पश्चिम से पूर्वोत्तर तक बारिश का कहर

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले 4-5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पश्चिमी तट पर भारी बारिश की संभावना है। एक चक्रवाती परिसंचरण और अपतटीय गर्त के प्रभाव से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और विदर्भ में 8 से 13 जुलाई तक मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी-तूफान का भी अनुमान है। मौसम की मार का असर आवागमन पर पड़ रहा है, सड़कें बंद हैं ट्रेनें लेट से चल रहीं हैं ।

नदियां उफान पर, बाढ़ ने मचाई तबाही Weather Update

लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड से असम तक कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के मुताबिक असम में धनसिरी और दिखो नदियां गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा कर रही हैं। इधर उत्तर प्रदेश में घाघरा और गंगा, बिहार में कोसी और बूढ़ी गंडक और ओडिशा व मध्य प्रदेश में भी कई नदियां उफान पर हैं। गांव के गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।

हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मॉनसून की भारी बारिश ने हालात को और गंभीर कर दिया है। हिमाचल के मंडी जिले में बादल फटने से थुनाग, गोहर और करसोग में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है। इस खबर को लिखे जाने तक 30 लोग अब भी लापता हैं और NDRF, SDRF, सेना समेत कई टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। थुनाग में जल संकट गहरा गया है, क्योंकि बाढ़ ने पानी की आपूर्ति व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है।उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग के पास अलकनंदा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। बदरीनाथ राजमार्ग पर बार-बार मलबा गिरने से यातायात बाधित हो रहा है। टिहरी, उत्तरकाशी और चमोली में भूस्खलन की चेतावनी जारी है। लद्दाख के लेह में भी भूस्खलन के बाद दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

नागालैंड और ओडिशा में जानमाल का नुकसान Weather Update

नागालैंड के दीमापुर में बारिश के कारण बाढ़ ने तबाही मचाई है। करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई और रनवे डूबने से दीमापुर एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। ओडिशा के नौपाड़ा में एक पॉल्ट्री फार्म की दीवार गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई, जबकि एक बच्ची घायल है। झारखंड के रांची में कच्चा मकान ढहने से एक बच्चे की मौत हो गई।

आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने 13 जुलाई तक पूर्वी राजस्थान, 10 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, और 9 जुलाई तक पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वोत्तर में असम, सिक्किम और बंगाल में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल और कर्नाटक में भी बौछारें पड़ने की संभावना है।

बचाव कार्य और राहत के प्रयास

प्रभावित इलाकों में प्रशासन और बचाव टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। हिमाचल में 494 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उत्तराखंड में राजमार्ग को बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, लगातार बारिश और भूस्खलन ने बचाव कार्यों में बाधा डाली है। असम में रेल और सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

Weather Update मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने, पहाड़ी इलाकों में सतर्क रहने और मौसम की जानकारी लेते रहने की अपील की है। भारी बारिश और बाढ़ के बीच लोगों की सुरक्षा और राहत कार्य सरकार की प्राथमिकता बने हुए हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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