नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताहांत ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका और भी अधिक तीव्रता के साथ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर देगा।ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान में और भी अधिक तीव्रता के साथ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर देगा। गौरतलब है कि ईरानी डेलिगेशन पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुका है।

ईरान के साथ वार्ता से पहले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने पर पाकिस्तान ने स्थायी क्षेत्रीय और वैश्विक शांति प्राप्त करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने शनिवार की सुबह स्थानीय समयानुसार इस्लामाबाद में विमान से उतरते ही अमेरिकी अधिकारियों से हाथ मिलाया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, दार ने आशा व्यक्त की कि अमेरिका और ईरान रचनात्मक रूप से बातचीत करेंगे और संघर्ष के लिए “स्थायी समाधान और टिकाऊ हल” निकालने में मदद करने के लिए पाकिस्तान की तत्परता को दोहराया।अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर कर रहे हैं।
सीएनएन के अनुसार लेबनानी और इजरायली राजनयिक अगले सप्ताह वाशिंगटन डीसी में युद्धविराम पर चर्चा करने के लिए मिलने की योजना बना रहे हैं । अमेरिका-ईरान युद्धविराम के शुरुआती दिन लेबनान के लिए सबसे घातक दिनों में से थे , जिसमें इजरायली हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए थे।
सूत्रों के अनुसार अमेरिकी खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि चीन ईरान को नए वायु रक्षा तंत्र देने की तैयारी कर रहा है । हालांकि वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि “यह जानकारी असत्य है।”
आसिम मुनीर ने ईरानी दल को मिलिट्री वर्दी में किया रिसीव
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के स्वागत में पाकिस्तानी सेना प्रमुख की पोशाक में फर्क देखने को मिला।
शुक्रवार रात जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा, तब पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर मिलिट्री वर्दी (फैटिग्स) में उन्हें रिसीव करने आए। लेकिन शनिवार सुबह जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस उतरे, तब आसिम मुनीर सूट पहने हुए थे।
इसका क्या मतलब है? अल जजीरा के इस सवाल पर पाकिस्तान के दो पूर्व जनरलों ने बताया कि कोई सख्त नियम नहीं है कि आर्मी चीफ को किस पोशाक में आना चाहिए।
ज्यादातर समय स्टाफ सुझाव देता है या चीफ खुद तय करते हैं कि वे किस तरह का प्रभाव दिखाना चाहते हैं। मुशर्रफ के समय में भी कभी वर्दी में मिलते थे, तो कभी सूट में।
दूसरे रिटायर्ड जनरल ने कहा कि यह “शायद कोई मुद्दा ही नहीं” है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर इतने बड़े VIP (जैसे उपराष्ट्रपति) के स्वागत में आर्मी चीफ शामिल नहीं होते। लेकिन अभी समय असामान्य है, इसलिए प्रोटोकॉल अलग हो रहा है।
उनके अनुसार, इस बार आर्मी चीफ का स्वागत करना दिखाता है कि सीजफायर की बातचीत सिर्फ पाकिस्तान के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।










