नई दिल्ली। ईरान पर हालिया हमलों को लेकर देश में राजनीतिक और वैचारिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ इंडिया (TUCI) की केंद्रीय समिति ने बयान जारी कर अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई का तीखा विरोध किया है।
संगठन के महासचिव आर. मानसय्या की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ईरान पर किए गए हमले और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की जाती है। TUCI ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के खिलाफ कार्रवाई बताया।
TUCI ने भारत सरकार से मांग की है कि वह अमेरिका और इज़राइल के साथ किए गए व्यापारिक एवं सैन्य समझौतों की समीक्षा करते हुए उन्हें तत्काल रद्द करे। संगठन ने यह भी कहा कि भारत को वैश्विक शांति के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से शांति वार्ता की पहल करनी चाहिए।
संगठन ने आरोप लगाया गया कि अमेरिकी साम्राज्यवाद दुनिया के संसाधनों और बाजारों पर नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से कई देशों में हस्तक्षेप करता रहा है। संगठन ने इराक, अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया, वेनेजुएला और अब ईरान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन देशों में सैन्य कार्रवाई लोकतंत्र के नाम पर की गई।
TUCI की केंद्रीय समिति ने विश्व समुदाय से अपील की कि उत्पीड़ित देशों और युद्ध प्रभावित नागरिकों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय एकजुटता दिखाई जाए। साथ ही दुनिया भर के मेहनतकश वर्ग, विशेषकर अमेरिका की जनता से युद्ध के विरोध में आवाज उठाने का आह्वान किया गया। संगठन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर शांति, कूटनीति और संवाद के जरिए ही वर्तमान संकट का समाधान संभव है।








