सरकारी इमारतों पर तिरंगे के साथ कन्नड़ ध्वज भी फहराया जाएगा : सीएम शिवकुमार

बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीले और लाल रंग वाले कन्नड़ ध्वज (Kannada flag)को आधिकारिक राज्य ध्वज का दर्जा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिवकुमार ने बताया कि सरकार जल्द एक कानूनी व्यवस्था बनाएगी। इसके बाद सरकारी इमारतों पर तिरंगे के साथ-साथ कन्नड़ ध्वज भी फहराया जा सकेगा।

यह घोषणा उन्होंने कर्नाटक राज्योत्सव के मौके पर एक जनसभा में की। उन्होंने कहा कि बेलगावी के सुवर्ण सौध में 30 नवंबर से 11 दिसंबर तक चलने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में खुद तिरंगे के बगल में कन्नड़ ध्वज फहराया। उन्होंने कहा, “सरकार इस ध्वज को आधिकारिक राज्य ध्वज बनाने पर पहले भी चर्चा कर चुकी है। पहले मंत्रिमंडल में फैसला लिया गया था और केंद्र से मंजूरी मांगी गई थी, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। अब मैं इसे फिर से मंत्रिमंडल में लाऊंगा और कानूनी ढांचा तैयार करूंगा।”

शिवकुमार का कहना है कि सरकार की मंशा साफ है। जहां-जहां तिरंगा फहराया जाता है, वहां कन्नड़ ध्वज भी फहराया जाए। उनका लक्ष्य ऐसा राज्य ध्वज लाना है जो कन्नड़ लोगों के स्वाभिमान का प्रतीक बने, ठीक वैसे ही जैसे राज्य का अपना राज्य गीत है। उन्होंने कहा कि पीला-लाल कन्नड़ ध्वज पहले से ही लोगों की भावनाओं से जुड़ चुका है। इसे आधिकारिक मान्यता मिलने से भारत के संघीय ढांचे में कर्नाटक की पहचान और मजबूत होगी। यह ध्वज राज्य की ज्ञान परंपरा, संस्कृति, धार्मिक सद्भाव और शांति को भी दर्शाता है।

2018 में तत्कालीन सिद्धरमैया सरकार ने एक राज्य ध्वज का प्रस्ताव रखा था। उसमें पीली, सफेद और लाल पट्टियां थीं और बीच में गंडाबेरुंडा का प्रतीक था। इसे केंद्र को भेजा गया था। वर्तमान में जो लाल-पीला कन्नड़ ध्वज चलन में है, उसे 1960 के दशक में वीर सेनानी एम. राममूर्ति ने डिजाइन किया था। इसे हर साल 1 नवंबर को पूरे राज्य में फहराया जाता है। मुख्यमंत्री ने 71वें कर्नाटक राज्योत्सव पर कन्नड़ भाषा के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृभाषा में मिला ज्ञान ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होता है। कन्नड़ सिर्फ सरकारी भाषा नहीं, बल्कि दिल की भाषा बननी चाहिए। सरकार अब इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।

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