नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के जवान आज सुबह से वकीलों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस मुख्यालय में घुस गए और नारेबाजी कर रहे हैं। कई थानों से जवान ड्यूटी छोड़कर प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। आला अधिकारी बेबस नजर आ रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
पूर्वी दिल्ली के शाहदरा थाने में पुलिस और कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों के बीच विवाद सड़क पर आ गया है।प्रदर्शन का नेतृत्व गांधी नगर के पूर्व एसीपी मनस्वी वशिष्ठ कर रहे हैं। वकीलों के दबाव में उनके और थानाध्यक्ष अरुण कुमार का ट्रांसफर कर दिया गया था।
26 अक्टूबर को एसीपी की शिकायत पर शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास, विशाल शर्मा, विवेक पांडेय समेत अन्य वकीलों के खिलाफ सरकारी कर्मचारी को धमकी देने, अभद्रता करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज हुई थी। 27 अक्टूबर को वकीलों ने हड़ताल की थी। दो दिन की हड़ताल के बाद दबाव में ट्रांसफर हुआ।
पुलिस का पक्ष
पुलिसकर्मियों का कहना है कि कोर्ट में वकील जवानों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करते हैं, लेकिन कार्रवाई पुलिसकर्मियों पर ही होती है।
24 अक्टूबर की घटना बनी वजह
हेड कॉन्स्टेबल अमित मलिक कड़कड़डूमा कोर्ट गए थे। वकीलों ने उन्हें घेरकर बहस की। बाद में नरवीर डबास 10-15 वकीलों के साथ थाने पहुंचे, थानाध्यक्ष का हाथ खींचने की कोशिश की, अभद्रता की और धमकी दी।
23 अक्टूबर को वकील ललित बंसल पर पार्किंग विवाद में हमला हुआ था। पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया लेकिन आरोपियों को छोड़ दिया गया, ऐसा वकीलों का आरोप है। वकीलों का दावा है कि एसीपी ने पिस्टल दिखाकर डराया और गाली-गलौज की। एसीपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं।







