नई दिल्ली। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट (Manikarnika Ghat) पर सोमवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना पर पाल समाज के लोग घाट पर एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि उग्र भीड़ ने एक पुलिसकर्मी की वर्दी भी फाड़ दी। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद भीड़ को वहां से खदेड़ा गया।
घटना के बाद पुलिस ने 17 से 18 लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेजा है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोग अलग-अलग जिलों से मणिकर्णिका घाट पहुंचे थे।
इस बीच, मणिकर्णिका घाट से जुड़ी भ्रामक पोस्ट और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। FIR में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव सहित अन्य नाम शामिल हैं। प्रशासन ने सभी आरोपियों को 72 घंटे के भीतर थाने में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
मामले पर जानकारी देते हुए एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि कुछ संगठनों के लोग मणिकर्णिका घाट पर नारेबाजी कर रहे थे। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे घाट खाली करने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद स्थिति उग्र हो गई और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।








