बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन तारिक रहमान Tarique Rahman ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने ढाका के जातीय संसद के साउथ प्लाजा में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में बांग्लादेश लौटे थे। वे शेख हसीना के तख्तापलट के बाद पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के नेता बन गए हैं। यह बांग्लादेश के लिए 36 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बनने का मौका भी है।
चुनाव में बीएनपी की धमाकेदार जीत
कुछ दिन पहले 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बीएनपी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। पार्टी ने संसद की कुल सीटों में से दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया। बीएनपी और उसके गठबंधन ने 212 सीटें जीतीं (कुल 300 सीटों वाली संसद में से)। कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 77 सीटें हासिल कीं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था।बीएनपी के सांसदों ने दिन में तारिक रहमान को संसदीय दल का नेता चुना। इस जीत से पार्टी को मजबूत सरकार बनाने का रास्ता मिला।
शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने किया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी उनके साथ मौजूद रहे।
ओम बिरला ने एक्स पर पोस्ट किया ‘तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण में भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह दोनों देशों के बीच जन-संबंधों और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण क्षण है।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी समारोह के लिए न्योता मिला था, लेकिन वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के कारण नहीं पहुंच सके।
इससे पहले पीएम मोदी ने चुनाव जीत पर तारिक रहमान को बधाई दी थी और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।
तारिक रहमान की सरकार अब नए मंत्रिमंडल के साथ काम शुरू करेगी। कैबिनेट में 25 कैबिनेट मंत्री और 24 राज्य मंत्री शामिल होंगे जिसमें एक हिंदू चेहरा भी है। यह घटनाक्रम दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए अहम है, खासकर भारत-बांग्लादेश संबंधों के नजरिए से।











