होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला, आगे के लिए क्‍या हैं संकेत?

us iran ceasefire

लेंस डेस्‍क। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि लेबनान में लागू हुए युद्धविराम के अनुरूप, होर्मुज जलडमरूमध्य अब सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। यह ऐलान क्षेत्रीय तनाव कम होने का संकेत माना जा रहा है और इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति पर पड़ने वाले दबाव में राहत की उम्मीद जगी है।

अराघची ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘लेबनान में हुए युद्धविराम के अनुरूप, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग शेष युद्धविराम अवधि के लिए पूरी तरह खुला घोषित किया गया है। जहाजों को ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले से तय समन्वित मार्गों का पालन करना होगा।‘

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम शुक्रवार को प्रभावी हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इस समझौते की घोषणा की थी, जिसमें इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी नेतृत्व के बीच बातचीत शामिल थी। युद्धविराम मुख्य रूप से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई को रोकने पर केंद्रित है, हालांकि क्षेत्र में व्यापक संघर्ष (ईरान-अमेरिका-इजरायल) की पृष्ठभूमि में यह कदम उठाया गया है।

पहले की स्थिति क्या थी?

इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने स्पष्ट किया था कि सैन्य जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं होगी, जबकि नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों को नियंत्रित तरीके से अनुमति दी जा रही थी। हाल के दिनों में संघर्ष बढ़ने के कारण बीमा कंपनियां और शिपिंग कंपनियां सतर्क हो गई थीं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ था। अराघची के नए बयान ने वाणिज्यिक जहाजों के लिए स्पष्ट हरित संकेत दिया है, जिससे पहले की अस्पष्टता दूर हुई है।

क्‍या होगा वैश्विक प्रभाव

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल निर्यात का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा ले जाता है। पिछले हफ्तों में यहां यातायात रुकने या सीमित होने की खबरों से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया था। अराघची के ऐलान के बाद तेल की कीमतों में नरमी देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच व्यापक समझौते की दिशा में एक सकारात्मक संकेत हो सकता है, हालांकि ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी ब्लॉकेड तब तक बरकरार रहेगा जब तक स्थायी शांति समझौता नहीं हो जाता।

भारत समेत कई आयातक देशों के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि देश की बड़ी हिस्सेदारी होर्मुज मार्ग से आने वाले तेल पर निर्भर है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 10 दिन के युद्धविराम के बाद क्या होगा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत की संभावना बनी हुई है।

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