क्या सूअर वैमनस्यता भड़काने का नया हथियार बन रहा है ?

Social media viral post

नई दिल्ली। बाबा मनीष के नाम से एक सोशल मीडिया हैंडल पर की गई इस पोस्ट (Social media viral post) को देखिए। यह सूअर बेचने के इरादे से की गई पोस्ट है लेकिन यह सूअर का सामान्य व्यापार नहीं है।

यह कथित बाबा मनीष अपनी इस पोस्ट में लिखता है – ‘धार्मिक युद्ध के लिए कॉलोनी में सूअर पालने के इच्छुक मित्र संपर्क करें ! ’

यह तीन तरह के सूअरों की कीमत भी लिख रहा है और साथ में एक गाली के साथ यह भी दर्ज करता है – ‘गंगा–जमुनी तहजीब वाले दूर रहें दूर मतलब बहुत दूर,कोई व्यापार नहीं धर्म में सहयोग है!’

इस पोस्ट में यह यूजर साफ–साफ लिखता है कि धार्मिक युद्ध के लिए सूअर पालने के इच्छुक मित्र संपर्क करें,लेकिन पुलिस कहती है कि उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

इस हैंडल के मुताबिक यह यूजर मेरठ का है। The lens ने मेरठ के एसपी अविनाश पांडे से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें ना तो ऐसे किसी व्यापार की जानकारी है ना उन तक ऐसी कोई शिकायत ही पहुंची है ।

इसी तरह की घटना दिल्ली के त्रिनगर से भी सुनाई दी थी जहां खबरों के मुताबिक ऐसे कथित सुअर पालन को लेकर पड़ोसियों में तनाव भी हो गया था।त्रिनगर में एक तबके के कुछ लोगों ने बाकायदा पिंजरे बना कर सूअर पालना शुरू कर दिया था।कहा गया कि मुसलमान इन्हें अपवित्र मानते हैं और उन्हें दूर रखने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इन लोगों ने वराह अवतार के पोस्टर्स भी अपने घरों पर लगाए थे।

इसे वैमनस्यता भड़काने के एक नए पैटर्न के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह के ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनके लाखों व्यूज हैं।

प्रेक्षकों की चिंता यह है कि सम्बंधित एजेंसीज इसे लेकर गंभीरता नहीं बरत रही हैं।

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