नई दिल्ली। INDIA गठबंधन ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास 10, राजाजी मार्ग पर आयोजित इस प्रतीकात्मक संसदीय कार्यवाही में विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाने और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस कार्यवाही की अध्यक्षता की, जबकि खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की। जनसंसद से सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, एनसीपी के शरद पवार , सुप्रिया सुले आदि नदारद रहे। समाचार दिए जाने तक नेहा बोरा,महुआ मोइत्रा, अरविंद सावंत, जॉन ब्रिटास, योगेंद्र यादव आदि के अलावा SIR के शिकार आम जनता ने अपनी अपनी बात कही। सभी ने एक स्वर में महाभियोग का समर्थन करते हुए ज्ञानेश कुमार को जेल। भेजे जाने की वकालत की।
कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुई। इसके बाद मीरा कुमार ने कहा कि करोड़ों मतदाताओं के नाम कथित तौर पर बिना पारदर्शिता और जवाबदेही के मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर INDIA गठबंधन ने यह सभा बुलाई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे भी इस कार्यवाही में मौजूद हैं।
मतदान के अधिकार को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए मीरा कुमार ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अन्य देश इसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था को देखते हैं। प्रत्येक नागरिक को वोट देने का अधिकार है। यदि एक भी मतदाता को मतदान से वंचित किया जाता है तो इससे लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचती है।
प्रस्ताव पेश करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले मतदान के अधिकार पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर काम कर रहे हैं।
खड़गे ने कहा कि सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन उनके नोटिस खारिज कर दिए गए। उन्होंने कहा, “हम लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रहे हैं। संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए आज हमने यह प्रस्ताव पेश किया है।”
उन्होंने भाजपा पर वर्ष 2014 से सत्ता में बने रहने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया। खड़गे ने संसद में कथित अनियमितताओं, राजनीतिक दलों में टूट, सरकारों को गिराने, चुनावी बॉन्ड और प्रवर्तन निदेशालय (ED) तथा CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अब सत्ता पक्ष ‘वोट चोरी’ का सहारा ले रहा है।
खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि दिसंबर 2023 में संसद के 145 विपक्षी सांसदों के निलंबन के बाद यह कानून पारित किया गया, जिससे मुख्य चुनाव आयुक्त को इस तरह की कार्रवाई करने का अवसर मिला।
ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए छह आरोप
खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ छह आरोप गिनाए। इनमें शामिल हैं:
- राष्ट्रीय और विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने की साजिश
- मतदाता सूचियों से 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना
- संसद की निगरानी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करना
- ECINET के जरिए मतदाता सूचियों पर नियंत्रण स्थापित करना
- अन्य दो चुनाव आयुक्तों को महत्वपूर्ण फैसलों से अलग रखना
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करना
मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि INDIA गठबंधन के सांसद देश की 60 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोपों की जांच और समीक्षा के बाद सभी विपक्षी दल एकजुट हुए है।
राहुल गांधी की ओर से लगातार उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे का उल्लेख करते हुए खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्ष के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की। इसमें मृत मतदाताओं की संख्या और मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के नामों का ब्योरा भी शामिल है।उन्होंने SIR के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को दबाने का आरोप भी केंद्र सरकार पर लगाया। खड़गे ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान रेल सेवाएं और इंटरनेट बंद किए गए तथा युवाओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया में कई कमियां हैं, लेकिन सरकार अपनी गलतियों का ठीकरा विपक्ष पर फोड़ रही है।
कार्यक्रम में मौजूद नेता
कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, राज्यसभा के निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल, कुमारी सैलजा, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती, सांसद पप्पू यादव, झामुमो सांसद महुआ माजी, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव, राजीव राय और हरेंद्र मलिक तथा तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष ने भी शिरकत की।










