आतंक के खिलाफ सभी दल सरकार के साथ, इधर पाकिस्‍तान ने स्थगित किया शिमला समझौता, वाघा बॉर्डर भी बंद

April 25, 2025 11:22 AM
Pahalgam incident

लेंस नेशनल ब्‍यूरो। नई दिल्‍ली

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर दिल्ली में संसद भवन में सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें एक स्वर में सीमा पार के आतंकवाद से निपटने का संकल्प लिया गया। सभी दल सरकार के द्वारा इस बर्बर हत्याकांड के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के समर्थन में दिखे। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने भारत के साथ 1972 के ऐतिहासिक शिमला समझौते (Shimla Agreement) सहित सभी द्विपक्षीय समझौतों को स्थगित करने का ऐलान किया है। यह फैसला पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की गुरुवार को हुई आपात बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने की। यह कदम भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाए गए सख्त कदमों के जवाब में आया है।

पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के अनुसार, भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करना उसकी 240 करोड़ जनता के लिए “लाइफलाइन” को खतरे में डालने वाला कदम है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “भारत के हालिया बयानों और कदमों का जवाब देने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी।” इसके अलावा, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहलगाम हमले को पाकिस्तान से जोड़ने से इनकार करते हुए इसे भारत का “घरेलू विद्रोह” करार दिया।

इसके अलावा पाकिस्तान ने तत्काल प्रभाव से वाघा बॉर्डर को बंद कर दिया है, जिससे भारत-पाकिस्तान के बीच लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लग गई है। भारत से वैध वीजा पर पाकिस्तान में मौजूद लोगों को 30 अप्रैल तक वापस लौटने का आदेश दिया गया है। साथ ही SAARC वीजा योजना के तहत भारतीयों को जारी सभी वीजा रद्द कर दिए गए हैं, हालांकि सिख तीर्थयात्रियों को इस नियम से छूट दी गई है।

पाकिस्तान ने भारत पर आतंकवाद फैलाने और कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ ही, उसने कहा कि वह भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज बुलंद करेगा। पाकिस्तान ने भारत के सिंधु जल संधि को निलंबित करने के कदम को “युद्ध की तरह” मानने की धमकी दी है और इसे अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन बताया।

Shimla Agreement: क्‍या है शिमला समझौता

शिमला समझौता 2 जुलाई 1972 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुआ था। यह समझौता 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद हुआ, जिसमें पाकिस्तान की हार हुई थी और बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश के रूप में उभरा था। समझौते में तय हुआ था कि दोनों देश कश्मीर सहित सभी विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाएंगे और नियंत्रण रेखा का सम्मान करेंगे।

पहलगाम हमले के विरोध में सभी दलाें ने किया सरकार का समर्थन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, रामगोपाल यादव के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, विदेश मंत्री एस जयशंकर, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत नेता शामिल थे। बैठक में पहलगाम हमले में शहीद लोगों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग जिनमें सभी पुरुष थे शहीद हुए। आज की बैठक में सभी नेताओं ने एक स्वर में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर इस हमले को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकार आतंकवाद को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वह इस मसले पर सरकार के साथ हैं।

सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी), श्रीकांत शिंदे (एनसीपी), प्रफुल्ल पटेल (एनसीपी), प्रेम चंद गुप्ता (आरजेडी), तिरुचि शिवा (डीएमके), सस्मित पात्रा (बीजेडी), संजय सिंह (आप), सुदीप बंदोपाध्याय (टीएमसी), मिथुन रेड्डी (वाईएसआरसी), और बीजेपी के अनिल बलूनी भी बैठक में मौजूद थे।

राहुल कल जायेंगे कश्मीर

बैठक में आतंकवादियों और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर सभी दल सहमत दिखे। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कश्मीर जाने का फैसला किया है। वहां वह स्थानीय लोगों से मुलाकात करेंगे और घटनास्थल पर जाएंगे।

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सीमा पर सतर्कता

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्‍तान से रिश्‍ता खत्‍म कर लिया है। पाकिस्‍तान को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने वर्तमान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है और सभी सशस्त्र बलों को उच्च स्तरीय सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।

इस बीच भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने की खबरें हैं, जिसके चलते पाकिस्तानी वायुसेना रातभर सतर्क रही। अब तक मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान ने भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई के डर से कराची एयरबेस से 18 लड़ाकू विमानों को भारत से सटी सीमा के पास वायुसेना अड्डों पर तैनात किया है।

एक अन्य घटनाक्रम में पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल को कराची तट से दूर अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल के परीक्षण की अधिसूचना जारी की है। भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने बुधवार को कराची तट पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने की योजना की घोषणा की है।

इससे पहले पाकिस्तान की सेना ने टिल्ला रेंज में फायरिंग अभ्यास किया था, जिसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि पाकिस्तान पहलगाम इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार कर रहा है। पाकिस्तान के ऐलान के बाद भारतीय रक्षा एजेंसियां ​​स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं

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पाकिस्तान का X हैंडल भारत में बैन

बड़े फैसले लेने के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक X हैंडल को भारत में प्रतिबंधित कर दिया है। दूसरी ओर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें उन्हें जम्मू-कश्मीर की यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

23 अप्रैल की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पीएम हाउस में हुई बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर बताया था कि पाकिस्‍तान के साथ सिंधू जल समझौता रद्द कर दिया गया है। अटारी बॉर्डर चेक पोस्‍ट बंद कर दिया गया है। पाकिस्‍तान दूतावास एक हफ्ते में बंद कर यहां से रवाना होगा। एक मई तक सभी वापस होंगे। 48 घंटे में पाकिस्‍तान उच्‍चायोग के अधिकारियों को भारत छोड़ना होगा। सारे पाकिस्‍तानियों का वीजा रद्द कर दिया गया है। जो पाकिस्‍तानी नागरिक भारत में है, उन्‍हें तुरंत भारत छोड़ना होगा।

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