SC-ST-OBC को जनरल सीट का भी हक: Supreme Court

January 5, 2026 10:22 PM
Supreme Court

नई दिल्ली। सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवार जनरल कैटेगरी के कट-ऑफ से अधिक अंक हासिल करते हैं, तो वे ‘जनरल कैटेगरी’ की सीटों पर भी चयन के हकदार होंगे।

इस फैसले सरकारी नौकरियों में ‘ओपन कैटेगरी’ को नए सिरे से परिभाषित किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला राजस्थान हाई कोर्ट से जुड़े एक मामले में सुनाया है। हाई कोर्ट की ओर से दलील दी गई थी कि यदि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को जनरल सीटों पर भी नियुक्ति दी जाती है, तो उन्हें ‘दोहरा लाभ’ मिलेगा। एक आरक्षण के जरिए और दूसरा सामान्य श्रेणी के तहत।

राजस्थान हाई कोर्ट की इस दलील को सुप्रीम कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए. जी. मसीह की पीठ ने कहा कि योग्यता को उसका उचित महत्व दिया जाना चाहिए, और सिर्फ आरक्षण की उपलब्धता के कारण किसी योग्य उम्मीदवार को सामान्य सीट से वंचित नहीं किया जा सकता।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के ऐतिहासिक इंदिरा साहनी मामले का हवाला देते हुए कहा कि ‘ओपन का अर्थ ही ओपन है। ओपन कैटेगरी किसी विशेष जाति या समूह के लिए आरक्षित नहीं होती, यह सभी के लिए होती है।’

कोर्ट ने साफ किया कि यदि कोई SC, ST, OBC या EWS उम्मीदवार शुद्ध मेरिट के आधार पर अनारक्षित सीट पाने के योग्य है, तो उसे रोका नहीं जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं कि यदि लिखित परीक्षा में आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार जनरल कट-ऑफ से अधिक अंक लाता है, तो उसे इंटरव्यू में जनरल कैटेगरी का उम्मीदवार माना जाएगा। लेकिन यदि अंतिम मेरिट लिस्ट में उसका स्कोर जनरल कट-ऑफ से कम रहता है, तो वह अपनी आरक्षित श्रेणी के तहत चयन का हकदार होगा।

इस फैसले का असर न केवल सरकारी नौकरियों पर, बल्कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया पर भी पड़ेगा।

यह भी पढ़ें : आरक्षण पर आईएएस संतोष वर्मा ने ऐसा क्‍या कह दिया कि ब्राह्मण समाज को नागवार गुजरा?

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 13 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now