सऊदी अरब में भयानक बस हादसा, 45 भारतीय यात्रियों की दर्दनाक मौत, उमरा के बाद मदीना लौट रहे थे यात्री

November 17, 2025 2:33 PM
Saudi Arabia Accident

Saudi Arabia Accident: सऊदी अरब में एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना हुई है। मक्का से मदीना की ओर जा रही एक यात्री बस के डीजल टैंकर से भिड़ने और आग पकड़ लेने के कारण 45 भारतीय उमरा करने जा रहे यात्रियों की जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना में 20 महिलाओं और 11 बच्चों की भी मौत हुई है। लेकिन बस चालक ही इस हादसे से बच निकला। प्रारंभिक जांच के अनुसार अधिकांश मृतक तेलंगाना के हैदराबाद के निवासी थे जो उमरा यात्रा पर गए थे।

हादसा मदीना शहर से करीब 160 किलोमीटर दूर मुहरास इलाके के निकट भारतीय समय के मुताबिक रात सवा एक बजे के आसपास घटित हुआ। उस वक्त अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे जिस कारण टक्कर के बाद लगी आग से किसी को भी बचने का मौका नहीं मिला। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बस में सवार लोग उमरा पूर्ण करने के बाद मदीना लौट रहे थे।

एक परिवार के 7 सदस्यों की मौत

दुर्घटना के बाद अब तक 12 मृतकों की शिनाख्त हो चुकी है। इनमें अब्दुल मोहम्मद, मोहम्मद मौलाना, सोहेल मोहम्मद, मस्तान मोहम्मद, परवीन बेगम, जकिया बेगम, शौकत बेगम, फरहीन बेगम, जहीन बेगम, मोहम्मद मंजूर, मोहम्मद अली और गौसिया बेगम शामिल हैं। हैदराबाद के निवासी मोहम्मद तहसीन ने बताया कि उनके परिवार के पूरे सात सदस्य इस हादसे का शिकार हो गए। उन्होंने केंद्र सरकार से शवों को शीघ्र भारत लाने की गुहार लगाई है।

तेलंगाना सरकार अलर्ट मोड में, कंट्रोल रूम सक्रिय

इस दुखद घटना पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिल्ली में तैनात अधिकारियों को रियाद स्थित भारतीय दूतावास के साथ तत्काल समन्वय स्थापित करने और पीड़ितों की पहचान व अन्य प्रक्रियाओं में सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने हैदराबाद में सचिवालय स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है जहां परिजन अपने अपनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। संपर्क नंबर: +91 79979-59754 और +91 99129-19545। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसे में शामिल यात्रियों में कई हैदराबाद के थे। मुख्य सचिव रामकृष्ण राव ने दिल्ली के रेजिडेंट कमिश्नर गौरव उप्पल को भी सतर्क कर दिया है ताकि नागरिकों का पूरा विवरण एकत्रित हो सके।

ओवैसी ने की अपील, शव जल्द लाएं

हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस हादसे पर शोक प्रकट करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्थानीय दो ट्रैवल एजेंसियों से संपर्क कर यात्रियों का डेटा रियाद दूतावास के साथ साझा किया। ओवैसी ने रियाद में भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (DCM) अबू मैथन जॉर्ज से फोन पर चर्चा की, जिन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय प्राधिकारियों से जानकारी संग्रहित की जा रही है।ओवैसी ने कहा ‘केंद्र सरकार, विशेष रूप से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मेरा आग्रह है कि मृतकों के शवों को यथाशीघ्र भारत लाया जाए और घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।’ उन्होंने परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक राष्ट्रीय त्रासदी है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा – दूतावास पूरी मदद कर रहा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस घटना पर गहरा आघात व्यक्त किया। उन्होंने लिखा ‘सऊदी अरब के मदीना के पास भारतीय नागरिकों के साथ हुई इस दुर्घटना से गहरा सदमा लगा है। रियाद में हमारा दूतावास और जेद्दा में महावाणिज्य दूतावास प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। शोकाकुल परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।’

जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है: 8002440003 (टोल-फ्री)। दूतावास ने कहा कि उमरा तीर्थयात्रियों की इस दुखद दुर्घटना के मद्देनजर एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां कोई भी व्यक्ति सहायता ले सकता है।

बता दें की उमरा इस्लाम धर्म की एक महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा है, जो साल के किसी भी समय की जा सकती है। यह हज का लघु रूप है और मक्का-मदीना के पवित्र स्थलों का दर्शन कराया जाता है। हज के विपरीत, उमरा के लिए कोई निश्चित तिथि नहीं होती और मुसलमान इसे जितनी बार चाहें, कर सकते हैं। इस्लामी कैलेंडर के जिलहिज्जा महीने की 8 से 12 तारीखों के बीच ही हज का आयोजन होता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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