छत्तीसगढ़ दौरे पर सचिन पायलट, बोले- भाजपा मजहब के नाम पर लोगों को बांटना चाहती है, माफी मांगना चाहिए

Sachin Pilot

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट रविवार से  दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। पायलट सोमवार को जांजगीर-चांपा में कांग्रेस की संविधान बचाव रैली में शामिल होने पहुंचे हैं। शाम को रायपुर पहुंचकर सचिन पायलट ने पहलगाम हमले में दिवंगत हुए दिनेश मिरानिया के परिवार से मुलाकात की। साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री देवड़ा और मंत्री विजय शाह के बयानों की निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा मजहब के नाम पर लोगों को बांटना चाहती है। भाजपा को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

मिरानिया परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को जो आतंकी हमला पहलगाम में हुआ था। उसमें  आज रायपुर निवासी की मृत्यु हो गई थी। उनको अपनी श्रद्धांजलि दी है संवेदना प्रकट की है और जो परिवार ने खोया है। उनका व्यक्तिगत नुकसान है। लेकिन, देश पर और भारत पर भी आक्रमण हुआ है उसका मुंह तोड़ जवाब देने के लिए सेना ने कार्रवाई करी है, ऑपरेशन सिंदूर अभी चल रहा है।

सचिन पायलट ने संविधान बचाव रैली को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहलगाम घटना के बाद खड़गे जी ने कहा कि हमारे पार्टी सारे पॉलिटिकल प्रोग्राम को रोक रही है। क्योंकि एक संकट का समय आया है। हमारी यह जिम्मेदारियां हैं। देश में जिस प्रकार का माहौल बना है। जिस प्रकार से एजेंसीज का दुरुपयोग किया जा रहा है। उसके खिलाफ संविधान की जो मूल भावना है। संविधानिक संस्थाओं को जिस प्रकार से इस्तेमाल किया जा रहा है। उसके खिलाफ हमारे पॉलीटिकल पार्टी का आंदोलन चलता रहेगा।  कल जांजगीर चापा में रैली रखी है। हर जिले में हम लोग संविधान बचाओ यात्रा निकालेंगे।

सचिन पायलट ने मध्यप्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के बयान पर कहा कि पहले तो मध्य प्रदेश के जो डिप्टी सीएम है। उन्होंने क्या टिप्पणी की है, उसपर भाजपा को माफी मांगनी चाहिए। कोर्ट में क्या टिप्पणी की है। किस प्रकार से एफआईआर की है। भाजपा को माफी मांगनी चाहिए और मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए।  यह क्या बताना चाहते हैं महिलाओं को अपमान करना चाहते हैं। मजहब के नाम पर लोगों को बांटना चाहते हैं। इस प्रकार की भाषा बोलना कोई छोटा-मोटा कार्यकर्ता बोले मैं समझता हूं। आश्चर्य है कि भाजपा का जो शीर्ष नेतृत्व है। चुप बैठा है कि किस तरीके से या दो-तीन महीने में मामला ठंडा पड़ जाए और जवाब ना देना पड़े।

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