अफवाह बनी जानलेवा: बच्चा चोर के शक में बस्तर में दो युवकों की बेरहमी से पिटाई

Bastar

बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) के बीजापुर जिले से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां बच्चा चोरी की अफवाह की वजह से दो निर्दोष युवकों को जमकर पीटा गया है। ग्रामीणों ने दोनों को बच्चा चोर समझकर इतनी बेरहमी से पीटा कि एक युवक की हालत गंभीर हो गई और उसे रायपुर रेफर करना पड़ा।

घटना मद्देड़ थाना क्षेत्र की है। दंपाया गांव के रहने वाले विकास कावटी और संतोष कावटी अपने रिश्तेदारों के गांव मुत्तापुर से बकरा खरीदकर लौट रहे थे।

बताया जा रहा है कि बंगापल्ली गांव के पास नदी पार करते समय बकरा अचानक उनके हाथ से छूटकर भाग गया। दोनों युवक उसे पकड़ने के लिए दौड़े, लेकिन वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों को उन पर शक हो गया। बिना किसी पुष्टि या पूछताछ के ही 20 से 25 लोगों की भीड़ ने दोनों युवकों पर हमला कर दिया।

भीड़ ने लाठी-डंडों के साथ-साथ धारदार हथियारों से भी हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना में घायल संतोष कावटी, जो DIET में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं, की हालत ज्यादा नाजुक होने के कारण उन्हें रायपुर रेफर किया गया है।

वहीं दूसरे युवक विकास कावटी का इलाज बीजापुर जिला अस्पताल में चल रहा है।

परिजनों का कहना है कि जब उन्हें घटना की जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंचे, तब भीड़ दोनों युवकों को बेरहमी से पीट रही थी।बीच-बचाव करने पर हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की।

बाद में कुछ स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।

पुलिस ने 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि अफवाहों के आधार पर भीड़ की हिंसा कितनी खतरनाक हो सकती है।

बीजापुर के एसपी जीतेंद्र यादव ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और संदिग्ध स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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