लेंस न्यूज़। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान दो महिला पत्रकारों और एक प्रदर्शनकारी युवती ने पुलिस अधिकारी तथा कर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। एक महिला पत्रकार का आरोप है कि आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लेते समय एसीपी विवेक भगत ने उनके सीने पर हाथ मारा और धक्का दे दिया। वहीं एक वरिष्ठ महिला पत्रकार ने शिकायत में लिखा कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को हिरासत में लिए जाते समय पीछे से एक पुलिसकर्मी ने उनकी पीठ और शरीर के निजी हिस्से को छुआ। प्रदर्शनकारी युवती ने भी पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा अनुचित शारीरिक व्यवहार और छाती पर हमले का आरोप लगाया है।
तीनों महिलाओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायतें ले ली गई हैं और सबूतों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। पुलिस ने आधिकारिक बयान में कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
एसीपी विवेक भगत से आरोपों पर जवाब मांगे जाने पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। एक पत्रकार ने दावा किया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने में साढ़े तीन घंटे इंतजार के बाद भी एफआईआर नहीं लिखी गई। कॉकरोच जनता पार्टी ने रविवार को थाने पहुंचने का आह्वान किया है।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान हुई घटना बताया है, जबकि आरोप लगाने वालों ने वीडियो सबूत होने का दावा किया है। जांच आगे बढ़ने पर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।








