रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अवैध संबंध के शक में हुए खूनी हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया है। घर में घुसकर तलवार और चाकू से किए गए हमले में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुदाद बेगम की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि परिवार के सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सिम्स अस्पताल में चल रहा है।
यह घटना रतनपुर थाना क्षेत्र के पेंडरवा गांव में हुई है।
बुधवार शाम आरोपी सुरेश श्रीवास अपने दो नाबालिग बेटों के साथ तलवार और चाकू लेकर शेख सलीम के घर पहुंच गया। उस समय सलीम घर पर नहीं था।
आरोपियों ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सबसे पहले बुजुर्ग महिला पर हमला किया गया। तलवार से गला रेत दिया गया और आंख निकाल ली गई। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार के अन्य सदस्य जब उन्हें बचाने पहुंचे तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू और तलवार से वार किए। घर में मौजूद महिलाएं और अन्य सदस्य घायल हो गए।
पुलिस की लापरवाही बनी वारदात की वजह

इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, एक दिन पहले दोनों परिवार की बातचीत के दौरान नाबालिग बेटे ने चाकू निकाल लिया था। इस पर पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत की, लेकिन राज्यपाल के दौरे का हवाला देकर पुलिस ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, अवैध संबंध के शक को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार को समझौते की कोशिश के लिए पीड़ित पक्ष के लोग आरोपी सुरेश श्रीवास के घर पहुंचे थे।
इस दौरान बातचीत के बीच सुरेश के बेटे ने अचानक चाकू निकाल लिया और जान से मारने की धमकी देने लगा। इससे घबराकर पीड़ित परिवार तुरंत शिकायत लेकर रतनपुर थाना पहुंचा।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। उन्हें बताया गया कि उस दिन राज्यपाल का दौरा है, इसलिए बाद में गांव आकर मामले को देखा जाएगा।
परिवार का कहना है कि अगर उसी समय पुलिस कार्रवाई कर देती, तो अगले दिन इतना बड़ा खून-खराबा नहीं होता।
आरोपी बाप-बेटों के हमले में रेहाना बेगम, शहनाज बेगम, शेख सुहाना, परी परवीन, अलिशा परवीन, सना परवीन, साहिस्ता परवीन और शेख शब्बीर सहित कई लोग घायल हुए हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना को अंजाम देने के बाद सुरेश श्रीवास और उसके दोनों बेटे खुद ही थाने पहुंचे और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
तलाक के बाद से बढ़ गया था विवाद
शेख सलीम ऑटो चालक है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को ऑटो में लाना-ले-जाना करता था। इस दौरान सुरेश श्रीवास की पत्नी से उसका कथित अवैध संबंध बन गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पिछले लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी और झगड़े हो चुके थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेश श्रीवास को शक था कि उसकी पत्नी का शेख सलीम से संबंध है। इसी विवाद के कारण कुछ महीने पहले उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया और तलाक हो गया।
इसके बाद से आरोपी सुरेश श्रीवास और सलीम के बीच विवाद चल रहा था।
इस विवाद को खत्म करने सलीम के परिवार वालों ने सुरेश से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन विवाद और बढ़ गया। इसके बाद अगले दिन इसी रंजिश में उसने अपने बेटों के साथ मिलकर हमला किया।
घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एक दिन पहले दी गई शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद एक बुजुर्ग महिला की जान नहीं जाती और कई लोग गंभीर रूप से घायल नहीं होते।









