लेंस डेस्क। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शुरुआत में एक सड़क हादसे जैसा दिखने वाला केस असल में एक सुनियोजित हत्या निकला। नवविवाहित जोड़े आशीष कुमार और उनकी पत्नी अंजू उर्फ अंजलि की यह घटना अब ‘राजस्थान का हनीमून मर्डर’ के नाम से चर्चित हो रही है, जो मेघालय के राजा रघुवंशी हत्या मामले से काफी मिलती-जुलती है।
वहां भी नई-नवेली दुल्हन सोनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी और इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी। श्रीगंगानगर के इस प्रकरण में पुलिस की जांच से पता चला कि अंजू ने अपने पूर्व प्रेमी संजय उर्फ संजू और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर आशीष की हत्या करवाई, ताकि वह अपनी शादीशुदा जिंदगी से मुक्त हो सके। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, क्योंकि शादी के महज तीन महीने बाद ही यह साजिश रची गई।
30 जनवरी की शाम की घटना
पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना की शाम 30 जनवरी को 27 वर्षीय आशीष कुमार, जो एक निजी स्कूल में शिक्षक थे, 23 वर्षीय पत्नी अंजू के साथ डिनर के बाद टहलने निकले थे। दोनों ने डिनर के बाद हाल ही में यह सैर शुरू की थी, जिसमें अंजू खुद आशीष को साथ चलने के लिए कहती थी।

उस शाम अंजू ने जानबूझकर आशीष को रावला थाना क्षेत्र के गांव 01 केएलएम के पास एक सुनसान सड़क पर ले जाया, जहां पहले से छिपे हुए संजू (25 वर्ष, जगदंबा कॉलोनी निवासी) और उसके दो साथी रोहित उर्फ रॉकी (20 वर्ष, सदुलशहर निवासी) और बादल उर्फ सिद्धार्थ (20 वर्ष, जगदंबा कॉलोनी निवासी) इंतजार कर रहे थे।
हमलावरों ने आशीष पर बेरहमी से हमला किया उन्हें डंडों से पीटा और मफलर से गला घोंटकर मार डाला। अंजू ने खुद को बचाने का नाटक किया और बेहोशी का ढोंग रचते हुए सड़क पर लेट गई।
रात करीब 9 बजे पुलिस को सूचना मिली कि सड़क पर एक जोड़ा बेहोश पड़ा है। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आशीष को मृत घोषित कर दिया। अंजू ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मारी और उसके सोने के गहने लूट लिए गए।
शुरुआत में यह हिट एंड रन का मामला लग रहा था, लेकिन मौके पर कोई वाहन के निशान न मिलने और आशीष के शरीर पर चोटों के अलावा गले पर दबाव के निशान पाए जाने से पुलिस को शक हुआ। मेडिकल रिपोर्ट ने भी पुष्टि की कि मौत गला घोंटने से हुई थी, जबकि अंजू पर कोई गंभीर चोट नहीं थी।
Rajasthan honeymoon murder case: जांच में सुलझी गुत्थी
श्रीगंगानगर की पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान ने बताया कि टीम ने दुर्घटना स्थल का मुआयना किया और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाकर तकनीकी जांच कराई। अंजू के बयानों में बार-बार बदलाव और घटनाक्रम के क्रम में विरोधाभास ने पुलिस को और सतर्क कर दिया। उसके फोन रिकॉर्ड्स से पता चला कि वह संजू से नियमित संपर्क में थी, जो उसके घर के पास ही रहता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अंजू ने साजिश को छिपाने के लिए अपना फोन और झुमके हमलावरों को दे दिए, ताकि लूट की घटना का भ्रम पैदा हो। जांच में यह भी सामने आया कि शादी के बाद अंजू अपनी ससुराल में खुश नहीं थी और जल्दी ही मायके लौट गई थी, जहां संजू से दोबारा मुलाकात हुई और दोनों ने आशीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
एसपी दुहान ने कहा, “हमें सूचना मिली कि एक व्यक्ति को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी है, जिससे उसकी मौत हो गई। हमने मौके का जायजा लिया और एफएसएल टीम को तकनीकी जांच के लिए बुलाया।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि अंजू ने आशीष को रात के भोजन के बाद टहलने के लिए उकसाया था और हमलावरों ने उसे क्रूरता से मारा तथा गला घोंटकर हत्या की, फिर इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने चारों आरोपियों अंजू, संजू, रॉकी और बादल को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
मेघालय के राजा रघुवंशी मामले से समानता
यह केस मेघालय के चर्चित हनीमून मर्डर से काफी मेल खाता है, जहां 2025 में इंदौर के राजा रघुवंशी (29 वर्ष) और उनकी पत्नी सोनम (25 वर्ष) की शादी 11 मई को हुई थी। हनीमून के लिए वे 20 मई को मेघालय पहुंचे, लेकिन 23 मई को वे गायब हो गए।
राजा का शव वेई सॉडॉन्ग फॉल्स के पास एक खाई में मिला, जहां उसे कुल्हाड़ी से काटा गया था। जांच से पता चला कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा (जो उसके परिवार के बिजनेस में काम करता था) के साथ मिलकर तीन किराए के हत्यारों को रखा था, ताकि राजा की हत्या को दुर्घटना दिखाया जा सके। सोनम को गाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश में एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया, जबकि राज और अन्य को भी पकड़ा गया था।











