लेंस न्यूज। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने रविवार को कहा कि सरकार की गलत नीतियों और हिंसा के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने वाले युवाओं का साहस सराहनीय है। उन्होंने उन छात्राओं की भी प्रशंसा की जिन्होंने बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना किया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छात्रों से अपनी बातचीत का वीडियो साझा किया। यह बातचीत 5 अगस्त को हुई थी, लेकिन वीडियो उन्होंने आज जारी किया। ये छात्र पिछले महीने पेपर लीक के मुद्दे पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
वीडियो में राहुल ने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि क्या उन्हें कोई परेशानी हो रही है। एक महिला प्रदर्शनकारी ने जवाब दिया कि रोज 10-12 गालियां आ जाती हैं। दूसरी ने बताया कि सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं।
जब राहुल ने पूछा कि वे प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए, तो छात्रों ने कहा कि अगर हर कोई अपनी अलग समस्या उठाएगा तो समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति का जिक्र किया और कहा कि वहां सिर्फ मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दे ही चर्चा में रहते हैं। एक छात्रा ने बताया कि 20 जुलाई को उन पर बुरी तरह लाठीचार्ज हुआ। एक महिला ने कहा कि उसे सात लाठियां मारी गईं और पुलिस ने उन्हें देशद्रोही कहा।
राहुल गांधी ने कहा कि आसपास गलत होते देखने के बावजूद चुप रहने वाले लोग असली राष्ट्रवादी नहीं हैं। उनके अनुसार, इन युवाओं ने जो किया वही सच्चा राष्ट्रवाद है।
इससे पहले 5 अगस्त को राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। उस समय उन्होंने चार छात्र-छात्राओं को मीडिया के सामने पेश किया था। एक छात्रा ने बताया था कि भारत माता की जय बोलने पर उन्हें देशद्रोही कहा गया और पुलिस ने शरीर के ऊपरी हिस्से पर हमला किया।
सीजेपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक 36 दिनों तक धरना दिया था। इसमें हजारों छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हुए। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इसमें शामिल हुए और भूख हड़ताल पर बैठे। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने धरना समाप्त कर दिया।
31 जुलाई की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा था कि जंतर-मंतर पर कुछ युवाओं ने उन्हें और उनकी मां को गालियां दीं लेकिन वे उन्हें माफ करना चाहते हैं।







