कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के नादिया जिले में स्वतंत्रता दिवस की रात कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे अबू सुफियान की हत्या कर दी गई। वारदात बेथुआडहरी रेलगेट के पास हुई, जहां बदमाशों ने उनकी कार रोककर पहले अंधाधुंध फायरिंग की और फिर कार का गेट खोलकर दोनों पर धारदार हथियारों से हमला किया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, अनीसुर रहमान शनिवार रात अपने बेटे के साथ कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले गोलियां चलाईं और इसके बाद कार के अंदर घुसकर दोनों पर धारदार हथियारों से हमला किया।
पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में हरनगर की टीएमसी पंचायत हेड फातिमा बीवी, साहेब अली मंडल और मिथुन शेख शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे टीएमसी नेता जुबेर शेख का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि जुबेर शेख फिलहाल जेल में बंद है और पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश जेल से ही रची गई।
अनीसुर रहमान प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य और नादिया जिला कांग्रेस के महासचिव थे। उनके बेटे अबू सुफियान कल्याणी से एलएलबी की पढ़ाई कर रहे थे।
परिजनों ने लगाया राजनीतिक रंजिश का आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक रंजिश के चलते अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या कराई गई। परिजनों ने स्थानीय टीएमसी नेता जुब्बार शेख और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अनीसुर रहमान के सिर और सीने में गोली लगने की बात सामने आई है।
अधीर रंजन चौधरी ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दोहरे हत्याकांड की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस नेता और उनके बेटे की इस तरह हत्या लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से राजनीति करने के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की पूरी साजिश और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।







