ट्रंप की आलोचना पर पोप का जवाब: ‘…मैं डरता नहीं हूं’  

April 13, 2026 6:56 PM
Pope Leo XIV

लेंस डेस्‍क। अमेरिकी मूल के 14वें पोप लियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि वे ट्रंप प्रशासन से नहीं डरते और सुसमाचार के संदेश के आधार पर शांति एवं सुलह की अपील जारी रखेंगे।

पोप लियो ने सोमवार को पापल प्लेन पर अल्जीरिया की यात्रा के दौरान एसोसिएटेड प्रेस समेत पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा, “मैं ट्रंप प्रशासन से नहीं डरता और सुसमाचार का संदेश जोर-शोर से बोलने से नहीं हिचकिचाऊंगा। हम राजनीतिज्ञ नहीं हैं और विदेश नीति को उनके नजरिए से नहीं देखते।”

पोप ने ट्रंप की आलोचना को सीधा हमला नहीं माना और कहा कि उनका शांति का संदेश किसी विशेष व्यक्ति या देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि युद्ध से बचने, पुल बनाने और संवाद को बढ़ावा देने का है। उन्होंने बाइबिल का हवाला देते हुए कहा, “धन्य हैं वे जो शांति स्थापित करते हैं।” उन्होंने जोर दिया कि आज बहुत से निर्दोष लोग मर रहे हैं और किसी को तो खड़ा होकर बेहतर रास्ता दिखाना ही चाहिए।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पोप लियो ने पिछले सप्ताह के अंत में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को “सर्वशक्तिमत्ता की भ्रम” से जोड़ा और राजनीतिक नेताओं से युद्ध रोकने और बातचीत करने की अपील की। उन्होंने ट्रंप के ईरान सभ्यता को नष्ट करने वाले बयान को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया था और युद्ध समाप्त करने के लिए “ऑफ-रैंप” की तलाश करने को कहा था।

रविवार रात ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोप पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पोप लियो को “बहुत उदारवादी”, “कमजोर” और “विदेश नीति के लिए भयानक” बताया। ट्रंप ने लिखा कि पोप को “रेडिकल लेफ्ट” को खुश करना बंद करना चाहिए और चर्च की सेवा पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं पोप लियो का फैन नहीं हूं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर वे व्हाइट हाउस में नहीं होते तो शायद लियो वेटिकन में नहीं होते।

पोप ने ईरान युद्ध में निर्दोषों की मौत पर चिंता जताई और बहुपक्षीय संवाद तथा शांति के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चर्च का मिशन युद्ध रोकना और पीड़ितों की मदद करना है, न कि राजनीति करना।

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