राज्यसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में सियासत गरमाई, कर्नाटक रवाना हो रहे कांग्रेस विधायक, डरा रहा क्रॉस वोटिंग डर?

Rajya Sabha Elections

भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही Rajya Sabha Elections के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल भी कर दिया है। लेकिन, वोटिंग से पहले मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के 62 विधायक कर्नाटक के लिए रवाना हो रहें हैं।

कांग्रेस ने राज्यसभा के प्रत्याशी के तौर पर मीनाक्षी नटराजन पर अपनी मुहर लगाई है। पहले यहां से दिग्विजय सिंह यहां से पहले सांसद थे।

दरअसल यह सब कांग्रेस के कब्जे वाली सीट में भाजपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारने के बाद शुरू हुआ है। यह सीट कांग्रेस के कब्जे में थी, लेकिन भाजपा द्वारा उम्मीदवार उतरे जाने के चलते सियासत में उबाल आ चुका है।

बेंगलुरु जाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने स्टार एयरलाइंस का 72 सीटर विशेष विमान बुक कराया है। इसी विमान से विधायकों को भोपाल एयरपोर्ट से बेंगलुरु ले जाया जाएगा।

भाजपा ने अपना तीसरा उम्मीदवार महेश केवट को बनाया है। इसके साथ ही सियासी भूचाल आया हुआ है। यह सीट कांग्रेस के कब्जे की है। लेकिन, भाजपा के द्वारा उम्मीदवार उतारे जाने से सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। क्रॉस वोटिंग ना हो इसके चलते कांग्रेस अपने विधायकों को पार्टी शासित प्रदेश कर्नाटक के बंगलुरू लेकर जा रही है। धीरे– धीरे सभी विधायक विमानतल पहुंच रहें हैं।

इस नंबर गेम से हो सकता है खेला

मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं। इनमें से 164 भाजपा के विधायक हैं और कांग्रेस के 63 विधायक हैं। 2 सीटें अन्य के पास हैं। राज्यसभा उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के दो उम्मीदवार आसानी से जीत जाएंगे। लेकिन, तीसरे उम्मीदवार पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

भाजपा के पास 48 वोट बचे हुए हैं और 10 वोटों की आवश्यकता है। वहीं कांग्रेस के पास 63 वोट हैं इनमें से 58 वोट की आवश्यकता है। कांग्रेस के 5 वोट बच रहें हैं यदि कांग्रेस खेमे में भाजपा सेंध लगाती है तो कांग्रेस की यह सीट भी छिन सकती है।

2020 में कांग्रेस सरकार के साथ घटित हुए राजनीतिक घटनाक्रम से नेताओं ने सीख ली है। इसके बाद से ही सतर्कता बरती जा रही है। उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कई विधायकों के इस्तीफे के बाद तत्कालीन कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी और सरकार गिर गई थी। इससे पार्टी ने सतर्कता बरतते हुए यह फैसला लिया है कि सभी विधायकों को लेकर बेंगलुरु रवाना हुआ जाएगा।

नितिन मिश्रा

नितिन मिश्रा फ्रीलांस जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 3 वर्षों का अनुभव है। रायपुर में 2023 से द सूत्र में रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान क्राइम, राजनीति, नगर निगम, आंदोलन और जनहित से जुड़ी खबरें की। द सूत्र के बाद सैटेलाइट चैनल TV 24 और ASIAN NEWS में काम किया। इस दौरान नितिन मिश्रा ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, कल्‍चरल, स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज, डिफेंस और ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग की हैं। वर्तमान में नितिन पत्रकारिता एवं जनसंचार में Ph.D कर रहें हैं।

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