दिल्ली में CJP प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का सख्त एक्शन, जंतर-मंतर खाली कराया, जेपी नड्डा ने शीर्ष नेतृत्व से बात करने के लिए मांगा समय

CJP protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सोमवार को सख्त कार्रवाई की। पुलिस ने जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया, उनके टेंट हटाए और लाठीचार्ज भी किया। प्रदर्शनकारी जब बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़े तो आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद स्थिति बिगड़ी। प्रदर्शनकारियों ने संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई और मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस के एक्शन में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर भी घायल हुआ है।

CJP का दावा

CJP ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने जबरदस्त लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पार्टी का कहना है कि अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया है, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। CJP ने यह भी दावा किया कि गीतांजलि अंगमो के साथ मारपीट की गई और उनके बाल खींचे गए। एक 12 वर्षीय बच्ची समेत 40-50 लोग घायल होने की बात कही गई है।

जेपी नड्डा से मुलाकात

इस बीच CJP के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की। CJP ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं:
सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
NEET-UG 2026 की तैयारी में आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए,

नड्डा ने मांगों पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बात करने के लिए समय मांगा है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी है। गीतांजलि अंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 21 जुलाई तय की है।

AAP का विरोध

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह युवाओं की बात सुने और लाठीचार्ज का रास्ता न अपनाए। सोनम वांगचुक के समर्थन में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, जूनागढ़ और भावनगर में भी प्रदर्शन हुए। अहमदाबाद में बिना अनुमति के जमा हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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