बंगाल की जनता से पीएम मोदी ने क्‍यों मांगी माफी? वंदे मातरम के बहाने ममता पर किया हमला

December 20, 2025 5:35 PM
PM Modi bengal rally

लेंस डेस्‍क। पश्चिम बंगाल में SIR के बाद पीएम मोदी की पहली रैली शनिवार को खराब मौसम के कारण नहीं हो सकी। नदिया जिले में पीएम मोदी का हेलीकॉपटर उतरने वाला था। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में घना कुहरा छाए रहने से विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी, जिसके चलते उनका हेलीकॉप्टर कुछ देर हेलीपैड के ऊपर चक्कर काटने के बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर वापस लौट आया। इसके बाद पीएम ने एयरपोर्ट से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने खराब मौसम की वजह से रैली स्थल पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न हो पाने के लिए उपस्थित लोगों से क्षमा मांगी।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने रैली में आ रहे तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की ट्रेन दुर्घटना में हुई मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में केंद्र सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है।

वर्चुअल संबोधन में पीएम मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी और साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ ब्रिटिश राज के खिलाफ लड़ाई का प्रमुख नारा था और अब इसे देश के विकास का संकल्प बनाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि केंद्र सरकार देशवासियों के साथ मिलकर आगे बढ़ रही है। जीएसटी का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि इसने पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश को बड़ा फायदा पहुंचाया है, खासकर दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के समय लोगों को राहत मिली।

प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में घुसपैठियों को टीएमसी का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि गंगा बिहार से गुजरकर बंगाल तक पहुंचती है और बिहार ने राज्य को आगे का रास्ता दिखाया है। बंगाल को जंगलराज से आजादी दिलानी जरूरी है। पीएम ने दोहराया कि वे बंगाल के लोगों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और राज्य के लिए केंद्र से फंड या योजनाओं की कोई कमी नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं राज्य सरकार के कारण रुकी पड़ी हैं। अगर टीएमसी भाजपा का विरोध करना चाहती है तो करे, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए प्रगति को बाधित करना गलत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भाजपा को एक अवसर दें, डबल इंजन वाली सरकार बनने दें, ताकि राज्य का तेज विकास हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बंगाल की उन्नति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इससे पहले पीएम ने करीब 3,200 करोड़ रुपये की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। वे सुबह करीब 10:40 बजे दिल्ली से कोलकाता पहुंचे थे और वहां से हेलीकॉप्टर से ताहिरपुर की ओर रवाना हुए थे, लेकिन कुहासे के कारण वापस लौटना पड़ा।

दौरे से एक दिन पहले शुक्रवार को पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि केंद्र की योजनाओं से बंगाल के लोग लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन टीएमसी के कुशासन से हर क्षेत्र में लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी की लूट और धौंस की हदें पार हो चुकी हैं, इसलिए लोगों की उम्मीद भाजपा से है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी एसआईआर प्रक्रिया का लगातार विरोध कर रही है।

टीएमसी का दावा है कि यह प्रक्रिया जल्दबाजी में हो रही है और इससे बड़ी संख्या में लोग, विशेषकर शरणार्थी हिंदू, वोटिंग अधिकार से वंचित हो सकते हैं। एसआईआर ड्राफ्ट में बंगाल की वोटर लिस्ट से 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं, जिसके बाद राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 7.08 करोड़ हो गई है।

बंगाल को 3,200 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री के इस दौरे पर उन्होंने नदिया जिले में एनएच-34 के बरजागुली-कृष्णानगर हिस्से के 66.7 किलोमीटर लंबे फोर-लेन खंड का उद्घाटन किया और उत्तर 24 परगना में बारासात-बरजागुली के 17.6 किलोमीटर फोर-लेन का शिलान्यास किया। अधिकारियों के अनुसार, ये परियोजनाएं कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, जिससे राज्य के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

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