संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से, जानिए किन मुद्दों की रहेगी गूंज

June 4, 2025 3:30 PM
Parliament Monsoon Session

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 12 अगस्त तक चलेगा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुआ आतंकी हमला और इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर इस सत्र में प्रमुख मुद्दों के केंद्र में रहेगा। विपक्ष ने इन घटनाओं पर गहन चर्चा की मांग कर चुका है और पहले ही विशेष सत्र बुलाने की अपील कर चुका है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को इन घटनाओं पर स्पष्ट जवाब देना होगा, खासकर आतंकी हमलों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों को लेकर।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को घोषणा की कि संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा, का सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा। यह सत्र तीन महीने से अधिक समय के बाद आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाली कैबिनेट समिति ने सत्र की तारीखों को मंजूरी दी है। रिजिजू ने कहा कि इस सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने आगे कहा, “प्रत्येक सत्र महत्वपूर्ण होता है और हम सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर भी शामिल है। सरकार सभी को साथ लेकर चलना चाहती है। हमने विपक्ष से बातचीत की है और उम्मीद करते हैं कि सभी मिलकर एकजुटता दिखाएंगे।”
गौरतलब है कि इससे पहले संसद का बजट सत्र 31 जनवरी को शुरू हुआ था और 4 अप्रैल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। यह सत्र 2025 का पहला संसदीय सत्र था।

इन मुद्दों पर रहेगा फोकस

ऐसा माना जा रहा है कि आगामी मानसून सत्र में जस्टिस यशवंत वर्मा का मुद्दा जोर-शोर से उठ सकता है। मीडिया खबरों के अनुसार, जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी पेश किया जा सकता है। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना राष्ट्रपति और पीएम को पत्र लिखकर जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश कर चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित एक आंतरिक जांच पैनल द्वारा वर्मा को दोषी ठहराए जाने के बाद खन्ना ने यह पत्र भेजा था।

वहीं दूसरी तरफ अभूतपूर्व एकजुटता दिखाते हुए 16 विपक्षी दलों ने एक साथ मिलकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों और विदेश नीति के विकास पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चर्चा की आवश्यकता का हवाला दिया है। विपक्ष ने सामूहिकता दिखाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संयुक्त पत्र भी भेजा है। इस पर भाजपा का कहना है कि मानसून सत्र शीघ्र शुरू होने वाला है वैसे में विशेष सत्र की कोई जरूरत नहीं है।

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