पुतिन ट्रम्प की बातचीत में उठा ऑपरेशन सिंदूर का मामला, क्रेमलिन ने कहा – ट्रंप ने युद्ध रुकवा दिया

नेशनल ब्यूरो नई दिल्ली

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रम्प से फोन पर बात कर मध्य पूर्व संकट, यूक्रेन युद्ध और यहां तक ​​कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष (Opration Sindoor) जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। रूस की समाचार एजेंसी TASS ने क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से कहा, “उन्होंने मध्य पूर्व और भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष पर भी चर्चा की, जिसको लेकर राष्ट्रपति ट्रम्प का दावा है कि मैने युद्ध रुकवा दिया।”

थरूर ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से किया था इंकार

यूपी उशाकोव का यह बयान भारत के इस रुख के विपरीत है कि संघर्ष विराम ट्रंप की भागीदारी के बिना ही हुआ था। अमेरिका में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सांसद शशि थरूर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि संघर्ष में किसी भी बिंदु पर तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं था। Opration Sindoor

75 मिनट तक चली बातचीत

इस बातचीत के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा, “मैंने अभी-अभी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोन पर बात की है। यह कॉल लगभग एक घंटे और 15 मिनट तक चली। हमने यूक्रेन द्वारा रूस के डॉक किए गए विमानों पर हमले और दोनों पक्षों द्वारा किए जा रहे विभिन्न अन्य हमलों पर चर्चा की। यह एक अच्छी बातचीत थी, लेकिन यह ऐसी बातचीत नहीं थी जिससे तत्काल शांति स्थापित हो सके।” Opration Sindoor

यूक्रेन के हमलों का पुतिन देंगे जवाब

ट्रम्प ने कहा कि पुतिन ने साफ साफ कहा ऐ कि रूस को अपने हवाई ठिकानों पर हाल ही में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों का जवाब देना होगा।
ईरान पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह और पुतिन दोनों इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। पुतिन ने इस मुद्दे को जल्दी से सुलझाने में मदद करने के लिए ईरान के साथ चर्चा में भाग लेने की अपनी तत्परता व्यक्त की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि ईरान इस महत्वपूर्ण मामले पर अपने निर्णय को धीरे-धीरे आगे बढ़ा रहा है।

7 मई को शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर

ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। जवाबी कार्रवाई में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी शिविरों पर हमला किया। इनमें मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय शामिल था। छकवाल, नीलम घाटी, झेलम, भीमबर, चकसवारी, मुजफ्फराबाद, रावलकोट और कोटली अन्य आतंकी लक्ष्य थे।

सीडीएस ने आठ घंटे में फैसले का किया था दावा

जवाब में, पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक और सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार की, जिन्हें सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया। इस आक्रमण का जवाब देते हुए, भारत ने नूर खान, सियालकोट, मुरीद, सुक्कुर, पसरूर, सरगोधा, चुनियन, स्कर्दू, जैकोबाबाद, भोलारी और रफीकी सहित 11 पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर हमला किया।

सीडीएस अनिल चौहान ने कहा है भारतीय सेना की कड़ी प्रतिक्रिया के कारण इस्लामाबाद को युद्ध विराम की मांग करनी पड़ी तथा पाकिस्तानी डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन कर संघर्ष को समाप्त करने के लिए कहा।

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