नई दिल्ली। जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के युवाओं का धरना दसवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं और उनका कहना है कि जब तक इस्तीफा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि धरने में शामिल कई छात्रों का कहना है कि उनकी मांग केवल मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि वे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग कर परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव चाहते हैं।
धरना स्थल पर छात्रों ने आरोप लगाया कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है। उनका कहना है कि केवल नेतृत्व परिवर्तन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में संस्थागत सुधार जरूरी हैं। इसी वजह से वे NTA को समाप्त कर नई और अधिक पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।
धरने के दौरान एक दिलचस्प स्थिति भी देखने को मिली। अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का समर्थन कर रहे हैं, जबकि आंदोलन में शामिल कई छात्र NEP के विभिन्न प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। इससे आंदोलन के भीतर शिक्षा नीति को लेकर अलग-अलग राय भी सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।











