ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद

NPT Review Conference new york

लेंस डेस्‍क। न्यूयॉर्क में हुए परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के 11वें समीक्षा सम्मेलन में ईरान को उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दे रहा है। यह नियुक्ति गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) से जुड़े देशों के समर्थन से हुई है, जिसके तहत सम्मेलन के लिए कुल 34 उपाध्यक्ष चुने गए हैं।

ईरान ने इस चयन को अपनी कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश करते हुए कहा है कि यह परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता और प्रयासों की वैश्विक स्वीकृति है। तेहरान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

हालांकि, इस फैसले के साथ ही पुराने विवाद फिर उभर आए हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने हालिया रिपोर्टों में ईरान पर अप्रसार नियमों के उल्लंघन और अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों को लेकर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। एजेंसी का कहना है कि कई स्थलों और गतिविधियों के बारे में अब तक संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बनी हुई हैं।

इस बीच, एंटोनियो गुटेरेस ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैश्विक परमाणु जोखिमों को लेकर गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, हथियारों की होड़ और नियंत्रण तंत्र के कमजोर पड़ने से दुनिया एक खतरनाक मोड़ पर खड़ी है। गुटेरेस ने दोहराया कि “परमाणु युद्ध कभी जीता नहीं जा सकता और इसे कभी लड़ा नहीं जाना चाहिए,” और देशों से संयम व निरस्त्रीकरण के प्रयास तेज करने की अपील की।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान को सम्मेलन में प्रमुख भूमिका दिए जाने से जहां एक ओर कूटनीतिक संतुलन साधने की कोशिश दिखती है, वहीं दूसरी ओर यह फैसला परमाणु अप्रसार व्यवस्था की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर नए सवाल भी खड़े कर सकता है

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