नेपाल हिंसा में एक भारतीय महिला की मौत, जिस होटल में ठहरी थी दंपति, उसी में उपद्रवियों ने लगा दी आग

September 12, 2025 2:53 PM
NEPAL GEN Z PROTEST

नई दिल्‍ली। NEPAL GEN Z PROTEST के दौरान हुई हिंसा में एक भारतीय महिला की मौत हो गई। यह महिला अपने पति के साथ पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए गई थी। यह दंपति काठमांडू के हयात रेजिडेंसी की चौथी मंजिल कमरे में ठहरे। रात करीब साढ़े 11 बजे उपद्रवियों ने होटल में आग लगा दी। होटल में लगी आग से बचने के प्रयास में महिला की मौत हो गई।

गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र की मास्टर कॉलोनी में रहने वाले रामवीर सिंह गोला (58) अपनी पत्नी राजेश गोला (55) के साथ काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए सात सितंबर को गए थे। भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के बाद दंपति काठमांडू स्थित हयात रेजिडेंसी की चौथी मंजिल कमरे में ठहरे थे।

आग लगने की घटना के बाद दंपति ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से कूदने का फैसला किया। बचाव टीमों ने नीचे गद्दे बिछा रखे थे लेकिन इस दंपति को चोटें आईं और इसी बीच फिर से हमलावरों ने धावा बोल दिया। अफरा तफरी में पति पत्नी एक दूसरे से अलग हो गए।

बुधवार को रामवीर सिंह गोला के बेटे विशाल को नेपाल से खबर मिली कि उनकी मां राजेश गोला का इलाज के दौरान निधन हो गया। वहीं रामवीर खुद दो दिन बाद घायल हालत में एक राहत शिविर में मिले। भारतीय दूतावास की मदद से गुरुवार शाम को उनका शव सोनौली बॉर्डर पर लाया गया जहां से परिवार वाले एंबुलेंस में लाश लेकर गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके की मास्टर कॉलोनी लौटे। परिजनों का कहना था कि घायल होने के बावजूद समय पर चिकित्सा न मिलने से यह हादसा हुआ।

सरकार गठन पर नहीं हो सका फैसला, दो गुट भिड़े

नेपाल में अंतरिम प्रधानमंत्री के नाम को लेकर सहमति नहीं बन पाई है और राजधानी काठमांडू में प्रदर्शनकारी Gen-Z दो गुटों में बंट गए हैं। गुरुवार को तो हालात इतने बिगड़े कि सेना मुख्यालय के बाहर दोनों गुटों में हाथापाई हो गई, जिसमें कई युवक घायल हो गए।

एक गुट पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की का विरोध कर रहा है, आरोप है कि वे भारत समर्थक हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग काठमांडू के मेयर बालेन शाह या फिर धरान के मेयर हरका सम्पांग को पीएम बनाना चाहते हैं।

इस बीच, विरोध कर रहे युवाओं कहना है कि ये आंदोलन बुजुर्ग नेताओं से तंग आकर किया जा रहा है और मकसद संविधान नहीं बल्कि संसद को भंग करना है। उधर, हालात काबू में रखने के लिए आर्मी ने तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रखा है। अब तक की हिंसा में 34 लोगों की मौत हो चुकी है और 1300 से ज्‍यादा घायल हैं।

काठमांडू की सड़कों पर टूटी फूटी इमारतें और जली हुई वाहन स्थिति की भयावहता बयान कर रहे हैं। कुछ वीडियो में नेताओं को सेना के हेलीकॉप्टरों से भागते देखा गया। इन्हीं प्रदर्शनकारियों को जंजी कहा जा रहा है जो अब देश संचालन में सहयोग के बजाय आपसी झगड़ों में उलझ गए हैं।

राजधानी के सेना मुख्यालय के बाहर युवा कार्यकर्ता एक दूसरे पर हमला करते नजर आए। अंतरिम सरकार के लिए सेना और राष्ट्रपति से उनकी बातचीत भी नाकाम रही।

एक धड़े ने इंजीनियर कलमान घी सिंह को नामित किया है तो काठमांडू के मेयर बालेन शाह भी प्रमुख उम्मीदवार बने हुए हैं। जंजी कार्यकर्ता खुद इस मुद्दे पर उलझन में हैं कि अगला मुखिया कौन बने।

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