UGC कानून के समर्थन में मूलनिवासी संघ का प्रदर्शन, जाति जनगणना लागू करने की भी रखी मांग

February 14, 2026 9:00 PM
Moolnivaasee Sangh

रायपुर। मूलनिवासी संघ छत्तीसगढ़ ने अन्य जन संगठनों के सहयोग से राजधानी रायपुर में यूजीसी के नए कानून के समर्थन और जाति जनगणना को दृढ़ता से लागू करने की मांग को लेकर जुलूस और आमसभा का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैकलॉग पदों को भरने तथा राज्य में अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुस्लिम और ईसाई समुदाय के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न का विरोध भी दर्ज कराया।

जुलूस नलघर चौक से प्रारंभ होकर बूढ़ातालाब धरना स्थल तक निकाला गया, जहां आमसभा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर थे।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जाति जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे समाज के वंचित वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। यूजीसी के नए कानून को शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में जरूरी बताया गया।

कार्यक्रम का संचालन मूलनिवासी संघ छत्तीसगढ़ के संयोजक अमरजीत पटेल ने किया।

प्रदर्शन के अंत में मूलनिवासी संघ छत्तीसगढ़ की ओर से भारत के राष्ट्रपति के नाम शासकीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की शपथ ली।

सभा में वक्ताओं ने देश के बहुजन, दलित, आदिवासी, महिला और अल्पसंख्यक समुदायों से एकजुट होकर समतामूलक समाज के निर्माण के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कथित रूप से मनुवादी और फासीवादी ताकतों द्वारा हिंदुराष्ट्र की अवधारणा थोपने के प्रयासों का विरोध करते हुए सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।

सभा में प्रख्यात बुद्धिजीवी विष्णु बघेल, भाकपा (माले) रेड स्टार के राज्य सचिव कॉमरेड सौरा, जाति उन्मूलन आंदोलन (CAM) के अखिल भारतीय संयोजक कॉमरेड तुहिन, अधिवक्ता भंजन जांगड़े, दशरथ अहिरवार, बुद्धिस्ट प्रचारक विंग छत्तीसगढ़ की संयोजक सविता बौद्ध संकल्पी, अधिवक्ता सुरेखा जांगड़े, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के अखिल भारतीय महासचिव एडवोकेट शाकिर कुरैशी, छत्तीसगढ़ किसान मजदूर संघ के संयोजक श्याम मूरत कौशिक, प्रोग्रेसिव क्रिश्चियन एलायंस छत्तीसगढ़ के संयोजक अखिलेश एड्गर, अधिवक्ता कात्यायनी वर्मा, शगुन वर्मा, चंद्रप्रकाश ढीढी, सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रभाकर ग्वाल और जयश्री बौद्ध सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

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दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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