नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया था।लटनिक की ये टिप्पणियां ट्रंप के उस बयान के कुछ दिनों बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी जानते हैं कि वह भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से नाखुश हैं और वाशिंगटन नई दिल्ली पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह धमकी ऐसे समय आई है जब दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं । इसके लिए अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। इस समझौते में अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर लगने वाले 50% टैरिफ को हल करने के लिए एक ढांचागत समझौता शामिल है।
लटनिक ने गुरुवार को एक पॉडकास्ट में कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से समझौते को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रपति को फोन करने का अनुरोध किया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत ऐसा करने में असहज महसूस कर रहा था, इसलिए श्री मोदी ने फोन नहीं किया।
वाणिज्य सचिव ने कहा कि अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते किए हैं, लेकिन उन्होंने अनुमान लगाया कि भारत के साथ व्यापार समझौता उनसे पहले हो जाएगा।
लूटनिक ने कहा कि “हमने इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम के साथ सौदे किए और कई समझौतों की घोषणा की। हमने ये सारे सौदे इसलिए किए क्योंकि हमने बातचीत की थी और मान लिया था कि भारत उनसे पहले ही सौदे पूरे कर लेगा।
मैंने उनसे ऊंची दरों पर बातचीत की थी। अब समस्या ये है कि सौदे ऊंची दरों पर हुए। और फिर भारत ने फोन करके कहा, ‘ठीक है, हम तैयार हैं।’ मैंने कहा, ‘किस बात के लिए तैयार?’”। हमें कोई जवाब नहीं मिला।











