रायपुर| रायपुर में मनरेगा बचाओ संग्राम (MGNREGA Bachao Sangram) के तहत कांग्रेस की पदयात्रा आज सफलतापूर्वक पूरी हो गई। सुबह 11 बजे माता कौशल्या धाम, चंदखुरी से शुरू हुई यह लगभग 8 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा पुराने विधानसभा चौक पर समाप्त हुई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता, वरिष्ठ नेता और ग्रामीण मजदूर शामिल हुए। यात्रा के दौरान मनरेगा के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज किया गया। यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया गया।
कांग्रेस का मुख्य आरोप है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने के लिए इसका नाम बदलकर VB-G RAM G कर दिया, फंडिंग अनुपात 60:40 किया और ग्रामीण मजदूरों के 100 दिनों के रोजगार के संवैधानिक अधिकार को खतरे में डाल दिया। दीपक बैज ने कहा कि यह महात्मा गांधी की ग्रामीण विकास की सोच के खिलाफ है और इससे ग्रामीण इलाकों में रोजी-रोटी का संकट बढ़ेगा।
पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा और डॉ. शिव कुमार डहरिया सहित कई नेताओं ने भी केंद्र पर तीखा हमला बोला।पदयात्रा के दौरान दीपक बैज का एक विवादित बयान भी सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के 14 मंत्रियों को ‘मुसवा’ कहकर धान, जल, जंगल और जमीन खाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि यह संग्राम 25 फरवरी तक जारी रहेगा, जिसमें सड़क से संसद तक संघर्ष होगा और जिला-ब्लॉक स्तर पर उपवास व धरने चलाए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि मजदूरों के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं होगा।









