रायपुर। स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर हो रहे (Privatization) और कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार 22 जुलाई 2026 को संघ की रायपुर जिला शाखा ने अर्जुन नगर से रैली निकालकर घड़ी चौक पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की।
रैली के बाद कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक, सेवा और भर्ती संबंधी गंभीर मांगें रखी हैं।संघ का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी पदों को निजीकरण, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग के हवाले करने से आम जनता की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों में अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
8वें वेतन आयोग के बाद हो रहे आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए वेतन पुनरीक्षण प्रस्ताव पर तुरंत कार्रवाई।
लंबित मांगों का शीघ्र समाधान
स्वास्थ्य विभाग के पदों पर निजीकरण और आउटसोर्सिंग बंद कर सीधी भर्ती शुरू करने की मांग।
संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की नीति।
जीवनदीप समिति के कर्मचारियों के मानदेय में uniformity लाने की मांग।
फर्जी डिग्री-डिप्लोमा धारियों पर रोक लगाने के लिए पंजीयन अनिवार्य करने की मांग।
जिलाध्यक्ष सालिक नौरंगें ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह आंदोलन का सिर्फ पहला चरण है। अगर शासन ने समय रहते मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन का रूप और उग्र हो जाएगा। इस मौके पर संघ के प्रांतीय संरक्षक ओ.पी. शर्मा, प्रांतीय महामंत्री एस.पी. देवांगन, जिलाध्यक्ष सालिक नौरंगें, संतोष देवांगन सहित सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।











