जानिए…ऑस्कर के मंच से क्‍यों उठी फलस्तीन के हक की आवाज

March 6, 2025 3:32 PM

  • इजरायली-फलस्तीनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘नो अदर लैंड’ की दुनिया भर में चर्चा

रायपुर। लॉस एंजेलिस में हुआ इस बार का 97वां ऑस्कर अवॉर्ड समारोह फलस्तीन के मानवाधिकारों की हक की आवाज उठाने के लिए भी जाना जाएगा। इजरायली-फलस्तीनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘नो अदर लैंड’ के निर्माताओं ने ऑस्कर के मंच से  फलस्तीन संघर्ष की तरफ दुनिया का ध्यान खींचा। इस फिल्‍म ने सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का ऑस्कर जीता है।

फलस्तीन पर इजरायली कब्जे के बीच जीवन की खोज करने वाली इस फिल्म  के निर्देशक बासेल आद्रा ने ऑस्कर के मंच से कहा, “दो महीने पहले मेरी बेटी का जन्म हुआ है। मैं पिता बना हूं। मैं आशा करता हूं कि जिस जिंदगी को मैं जी रहा हूं, वैसी जिंदगी मेरी बेटी न गुजारे।”

इजरायली पत्रकार और फिल्म के सह निर्देशक युवल अब्राहम ने कहा, “हमारी यह फिल्म फलस्तीन और इजरायल के मुद्दे पर केंद्रित है। साथ मिलकर हमारी आवाज मजबूत होती है।” उन्होंने अपने देश की सरकार को “गाजा और उसके लोगों के क्रूर विनाश” के लिए दोषी ठहराया और उन्होंने हमास से सभी इजरायली बंधकों को रिहा करने का आग्रह किया।

अब्राहम ने कहा, “जब मैं बेसल को देखता हूं, तो मुझे अपना भाई दिखता है, लेकिन हम असमान हैं।” “हम एक ऐसे शासन में रहते हैं, जहां मैं नागरिक कानून के तहत स्वतंत्र हूं और बेसल सैन्य कानूनों के तहत है, जो उसके जीवन को नष्ट कर देते हैं। एक अलग रास्ता है, जातीय वर्चस्व के बिना एक राजनीतिक समाधान, जिसमें हमारे दोनों लोगों के लिए राष्ट्रीय अधिकार हों।”

फलस्तीनियों का दर्द दिखाती फिल्म

“नो अदर लैंड” फिल्म फलस्तीन के वेस्ट बैंक के मासफर यट्टा गांव की कहानी है। जहां 2022 में 1,000 से ज्यादा फलस्तीनी निवासियों को घर छोड़ने का आदेश दिया जाता है। इजरायली सेना ने इस इलाके को अपने प्रशिक्षण क्षेत्र के रूप में घोषित किया था, जिसके बाद वहां घरों को तोड़ने की लंबी और दर्दनाक प्रक्रिया शुरू हुई।

फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह बेसल अद्रा वर्षों से अपने समुदाय के संघर्ष को कैमरे में रिकॉर्ड कर रहे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात इजरायली फोटो जर्नलिस्ट युवाल अब्राहम से हुई, जिनके साथ उन्होंने इस फिल्म में काम किया।

फिल्म में एक बेहद भावुक दृश्य तब आता है जब एक स्थानीय व्यक्ति को सैनिकों द्वारा गोली मार दी जाती है, जिससे वह कमर से नीचे लकवाग्रस्त हो जाता है। उसकी बुजुर्ग मां विदेशी पत्रकारों की भीड़ का सामना करती है, लेकिन उनकी रिपोर्टिंग से कुछ खास बदलाव नहीं आता।

अब्राहम के लिए इस समुदाय के बीच रहना आसान नहीं था, क्योंकि कई लोगों को उन पर भरोसा करना मुश्किल लग रहा था। एक व्यक्ति उनसे कहता है – “यह आपका भाई या दोस्त हो सकता है जिसने मेरा घर तोड़ा!”

फिल्म अंत में दो दोस्तों की बातचीत के साथ खत्म होती है, जो जानते हैं कि उनकी दोस्ती गहरी हो गई है, लेकिन हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now