नई दिल्ली। केरल राज्य के बजट 2026-27 में वित्त मंत्री के.एन. बालागोपाल ने राज्य की शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। विज्ञान और कला के छात्रों के लिए डिग्री पाठ्यक्रम सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में निःशुल्क कर दिए गए हैं, जो पहले केवल कक्षा 12 तक ही उपलब्ध थे।
कला और विज्ञान के स्नातक पाठ्यक्रमों में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के छात्रों को अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह पहली बार होगा कि मुफ्त शिक्षा को कक्षा 12 से आगे बढ़ाकर स्नातक डिग्री तक भी बढ़ाया जा रहा है।
बजट में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए दुर्घटना बीमा भी शुरू किया गया है। विश्वविद्यालयों और छात्रवृत्तियों के लिए धनराशि बढ़ाई जाएगी, जिसमें पीएचडी शोधार्थियों के लिए सहायता भी शामिल है। छात्रवृत्तियों और फैलोशिप के लिए कुल ₹38.76 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
बजट में केरल में एक ‘ग्लोबल स्कूल’ की स्थापना का भी प्रस्ताव है। यह संस्थान आधुनिक प्रौद्योगिकियों, व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें तकनीकी-अर्थशास्त्र और भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा अनुसंधान संस्थानों और स्थानीय स्व-सरकारों के बीच संबंधों को मजबूत करने का भी प्रस्ताव किया गया है, जिससे विकास परियोजनाओं में तकनीकी विशेषज्ञता में सुधार होगा।
शिक्षा में आवास की समस्या बाधा न बने, इसके लिए एक सार्वजनिक छात्रावास भी शुरू किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत विश्वविद्यालय की गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए कुल 259.09 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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