Iran-US tension: ईरान में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन ने देश को हिला कर रख दिया है। 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, और स्थिति दिन-ब-दिन तनावपूर्ण होती जा रही है। आर्थिक संकट से शुरू हुई यह लहर अब सरकार के खिलाफ पूरी तरह बदल गई है। यह सब 28 दिसंबर को तेहरान के बड़े बाजारों में व्यापारियों की हड़ताल से शुरू हुआ। लोग महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से परेशान थे। ईरानी मुद्रा रियाल का मूल्य अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत ओपन मार्केट में करीब 14,55,000 से 14,57,000 रियाल तक पहुंच चुकी है। रोजमर्रा की चीजें जैसे चाय, ब्रेड और अन्य सामान भी बहुत महंगे हो गए हैं। महंगाई 50-70% से ज्यादा बताई जा रही है।
लोगों का गुस्सा सिर्फ अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। अब वे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और पूरी इस्लामिक रिपब्लिक व्यवस्था के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। कई जगहों पर पुरानी राजशाही (शाह के शासन) की वापसी की मांग भी उठ रही है। प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई से भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अब तक कम से कम 5,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें करीब 500 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार प्रदर्शनकारियों की मौत का आंकड़ा 3,000 से ज्यादा हो सकता है, जबकि हजारों लोग गिरफ्तार किए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी सैकड़ों मौतों की पुष्टि की है, लेकिन सटीक संख्या की जांच जारी है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजशकियान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने X पर पोस्ट किया कि अगर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई पर कोई हमला हुआ, तो इसे ईरान के खिलाफ पूरी जंग माना जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी हमले का कठोर और पछतावे वाला जवाब दिया जाएगा। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों के जवाब में आया है। ट्रम्प ने कहा था कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्याएं या फांसी जारी रही, तो अमेरिका दखल दे सकता है।
ट्रम्प ने 15 जनवरी को दावा किया कि मौतें अब कम हो रही हैं। व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रम्प के दबाव के कारण ईरान ने 800 लोगों की फांसी की योजना रोक दी है। ईरान के पूर्व शाह के बेटे और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने पेरिस से वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि वे जल्द ईरान लौटेंगे और देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने X पर लिखा कि आज ईरान में लड़ाई कब्जे और आजादी के बीच है। जनता ने उन्हें नेतृत्व के लिए बुलाया है। पहलवी का कहना है कि एक मुक्त ईरान में परमाणु सैन्य कार्यक्रम खत्म होगा, आतंकी संगठनों को समर्थन बंद होगा, अमेरिका के साथ संबंध सामान्य होंगे, इजराइल को मान्यता मिलेगी, मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता आएगी।
ट्रम्प प्रशासन ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें 18 ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं को निशाना बनाया गया है, जैसे सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि ये लोग प्रदर्शनों पर क्रूर कार्रवाई के जिम्मेदार हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं।ईरान पहले से ही कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था और कमजोर हुई है। यही आर्थिक संकट इन विरोधों की मुख्य वजह माना जा रहा है।










