मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच 11 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द, भारत के लिए जेद्दा से विशेष उड़ानें शुरू

Iran-US-Israel conflict disrupted air travel: ईरान-अमेरिका-इजराइल संघर्ष ने मिडिल ईस्ट में हवाई यात्रा को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बड़े हमले किए जिसके जवाब में ईरान ने पड़ोसी देशों पर पलटवार किया। इस युद्ध की वजह से क्षेत्र के कई देशों का हवाई क्षेत्र बंद हो गया, जिससे हजारों उड़ानें रद्द हो गईं और लाखों यात्री फंस गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा है की अब तक 11 हज़ार से भी ज्यादा फ्लाइट रद्द हो चुकीं हैं।

हवाई क्षेत्र बंद, उड़ानें ठप

Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक मिडिल ईस्ट के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर 9,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इनमें 28 फरवरी को 1,400+, 1 मार्च को 3,400+, 2 मार्च को 3,400+ और 3 मार्च को अब तक 1,300+ उड़ानें शामिल हैं। प्रभावित एयरपोर्ट्स में दुबई इंटरनेशनल, अबू धाबी, शारजाह, दोहा (हमाद इंटरनेशनल), कुवैत, बहरीन और अल-मख्तूम शामिल हैं।

ये आंकड़े सिर्फ 7-8 बड़े एयरपोर्ट्स के हैं। पूरे क्षेत्र में रद्द उड़ानों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा है की अब तक 11 हज़ार से भी ज्यादा फ्लाइट रद्द हो चुकीं हैं। ईरान, इराक, कतर, यूएई, बहरीन, कुवैत, सीरिया, इजराइल, लेबनान और जॉर्डन के ऊपर से कोई उड़ान नहीं हो रही है। सऊदी अरब का भी बड़ा हिस्सा प्रभावित है।

एक सामान्य उड़ान में औसतन 160 यात्री होते हैं, ऐसे में अब तक करीब 15 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं। कई यात्री एयरपोर्ट पर या होटलों में फंसे हुए हैं।दुबई एयरपोर्ट का हालदुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त हब में से एक है, जहां रोजाना 1,200 से ज्यादा उड़ानें आती-जाती हैं। हमले के बाद यहां उड़ानें आधी हो गईं और 1 मार्च को पूरी तरह बंद रहा। ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से सभी ऑपरेशन रोक दिए गए। सोमवार रात से सीमित उड़ानें शुरू हुईं लेकिन अभी भी ज्यादातर सेवाएं ठप हैं।

भारत पर असर

भारत से मिडिल ईस्ट जाने वाली उड़ानें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। पिछले कुछ दिनों में भारत के एयरपोर्ट्स से 760 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली एयरपोर्ट से अब तक 80 उड़ानें (36 डिपार्चर और 44 अराइवल) रद्द हो चुकी हैं। इंडिगो ने 3 मार्च को मिडिल ईस्ट से जुड़ी 43 उड़ानें रद्द की हैं। एमिरेट्स की चेन्नई, दिल्ली और बेंगलुरु से दुबई जाने वाली कई उड़ानें बीच रास्ते में वापस लौटाई गईं। सिर्फ मुंबई से EK501 दुबई पहुंच सकी। यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स का किराया भी दोगुना-तिगुना हो गया है। पहले 30-35 हजार रुपये में टिकट मिलता था, अब 60-90 हजार तक पहुंच गया है।

राहत प्रयास और विशेष उड़ानें

सऊदी अरब से भारत के लिए विशेष उड़ानें शुरू की जा रही हैं। 3 मार्च को जेद्दा से मुंबई, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए 4 विशेष फ्लाइट्स चलाई जा रही हैं। इंडिगो ने जेद्दा से 10 राहत उड़ानें प्लान की हैं, जो एयरस्पेस की स्थिति पर निर्भर हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय एयरलाइंस लंबी उड़ानों के लिए वैकल्पिक रूट इस्तेमाल कर रही हैं।

एयरलाइंस को रिफंड, री-शेड्यूलिंग और मदद देने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। अब तक 559 शिकायतों का समाधान हो चुका है। मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-24604283 और 011-24632987 जारी किए गए हैं। यह स्थिति तेजी से बदल रही है। यात्रा करने से पहले एयरलाइन और Flightradar24 जैसी साइट्स पर अपडेट चेक करें।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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