नई दिल्ली। 2024 के दौरान अमेरिकन उपराष्ट्रपति पद के कैम्पेन में मौजूदा अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा था कि ईरान के साथ युद्ध अमेरिका के हित में नहीं है। उनका कहना था कि यह संसाधनों की बड़ी बर्बादी होगा और अमेरिका को मध्य पूर्व में फंसाएगा, जबकि चीन जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा था “हमारा हित ईरान के साथ युद्ध में नहीं है।” इसके पहले 2023 में वॉल स्ट्रीट जनरल में उन्होंने अपने एक लेख में कहा था कि ट्रंप की सबसे अच्छी विदेश नीति यह थी कि उन्होंने कोई युद्ध नहीं शुरू नहीं किया। उन्होंने ट्रंप को 2024 में समर्थन देते हुए कहा कि वे अमेरिकियों को बेवजह विदेशी युद्धों में नहीं भेजेंगे। अब 2026 है अमेरिका युद्ध में है और जे डी वेंस खामोश हैं।
युद्ध से पहले जे डी वेंस का रुख
द लेंस ने इस खामोशी की वजहों को तलाशने की कोशिश की है। महत्वपूर्ण है कि अमेरिकी हमले से महज चार रोज पहले उपराष्ट्रपति वेंस ने पत्रकारों से कहा था कि कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर गुर जिनेवा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे ताकि यह आकलन किया जा सके कि क्या कोई समझौता हो सकता है। वेंस ने उस वक्त पत्रकारों से कहा, “सिद्धांत बहुत सरल है ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।” वेंस के बयान के बाद शाम को विदेश मंत्री मार्को रूबियो और राष्ट्रपति ट्रंप सीधे युद्ध की धमकी देते नजर आए, लेकिन जे डी वेंस ने ऐसी कोई बात नहीं कही।
राजनीतिक समाधान तलाश रहे थे वेंस
समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार वेंस ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अभी भी ईरान के साथ राजनयिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं और उन्हें उम्मीद है कि ईरानी नेता बातचीत में इस बात को गंभीरता से लेंगे।
वेंस ने यहां तक कि इस बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था कि क्या अमेरिका ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के इस्तीफे की माँग करेगा। वेंस ने साफ कहा था कि हम ईरानियों के साथ राजनयिक वार्ता का एक और दौर कर रहे हैं ताकि एक उचित समाधान तक पहुंचा जा सके।”यानि उन्हें उम्मीद थी कि बातचीत से समाधान निकल जाएगा।
वेनेजुएला पर के हमले के पक्ष में थे उपराष्ट्रपति
सीएनएन कहता है कि पिछले जून में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हमले का आदेश दिया था, उसके कुछ घंटों बाद ही उपराष्ट्रपति जे डी वेंस दो अलग-अलग संडे शो में दिखे और मिशन की सफलता की खूब प्रशंसा की।
वे इतने उत्साही थे कि एक मिनट से भी कम समय में “incredible” या “incredibly” शब्द का चार बार इस्तेमाल किया।जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के ट्रंप के ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद, वेंस ने X पर ऑपरेशन की वैधता का आक्रामक बचाव किया।अब ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्ध शुरू किए हुए दो हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन वेंस ने अब तक ऐसी कोई सार्वजनिक समर्थन वाली टिप्पणी नहीं की है।
वेंस नहीं बता रहे ट्रंप से उन्होंने क्या कहा
सीएनएन बताता है कि शुक्रवार को जब एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि उन्होंने ट्रंप को शुरुआत में और हाल में क्या सलाह दी थी, तो वेंस ने लंबा जवाब दिया लेकिन युद्ध पर अपनी व्यक्तिगत राय देने से बच गए।
उन्होंने कहा, “मुझे आपको निराश करना पड़ रहा है, लेकिन मैं यहां सामने यह नहीं बताने जा रहा कि मैंने उस गुप्त कमरे में क्या कहा।” “आंशिक रूप से इसलिए क्योंकि मैं जेल नहीं जाना चाहता, और आंशिक रूप से इसलिए क्योंकि मुझे लगता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति को अपने सलाहकारों से खुलकर बात करने का अधिकार होना चाहिए, बिना यह डर कि सलाहकार मीडिया को सब बता देंगे।”
अगले चुनाव के लिए खुद को बचाने की कोशिश
सीएनएन के अनुसार वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनका यह अपना हाथ न झुलसाने वाला रवैया राजनीतिक नुकसान भी पहुंचा सकता है। व्हाइट हाउस अक्सर मेक अमेरिका ग्रेट अगेन आंदोलन में अपनी मजबूत सपोर्ट की बात करता है। लेकिन यहां देश का दूसरा सबसे शक्तिशाली नेता है जो अपना राजनीतिक समर्थन भी खुलकर नहीं दे रहा।
सोशल मीडिया पर भी अविरल खामोशी
जनवरी के वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद वेंस ने X पर तुरंत ट्रंप का बचाव किया, पिछले दो हफ्तों में वे सोशल मीडिया पर बहुत चुप रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से उन्होंने अपने पर्सनल अकाउंट पर सिर्फ आठ पोस्ट किए हैं।
उनकी कुछ पोस्ट ईरान से जुड़ी हैं, लेकिन ज्यादातर मारे गए सैनिकों के बारे में या ट्रंप की टिप्पणियों को शेयर करने वाली हैं, न कि वेंस की अपनी राय वाली। उन्होंने फॉक्स न्यूज का एक इंटरव्यू भी शेयर किया जिसमें ईरान पर बात हुई, लेकिन उसमें भी उन्होंने युद्ध पर अपनी राय देने से परहेज किया और ज्यादातर ट्रंप की सोच या बातों का जिक्र किया










