इंडिगो ने कहा ‘अब तक 610 करोड़ रिफंड 3000+ बैग लौटाए’ पर आज भी 650 फ्लाइट्स कैंसिल, सरकार ने अब तक नहीं की है कंपनी पर कोई कार्रवाई

December 7, 2025 7:35 PM

नई दिल्ली | पिछले सात दिन से INDIGO उड़ानें रद्द होने के कारण फंसे यात्रियों को आखिरकार बड़ी राहत मिलनी शुरू हो गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार शाम बताया कि इंडिगो ने अब तक 610 करोड़ रुपए का रिफंड यात्रियों को लौटा दिया है और 3,000 से ज्यादा खोए हुए बैग भी उनके मालिकों तक पहुंचा दिए हैं। मंत्रालय ने साफ किया कि रिफंड या नई बुकिंग पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा और हर बड़े एयरपोर्ट पर स्पेशल हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।

इधर इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि आज कंपनी 138 में से 137 शहरों के लिए 1650 उड़ानें चला रही है और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 75% तक पहुंचने की उम्मीद है। शनिवार को यह आंकड़ा 1500 था। हालांकि आज भी करीब 650 फ्लाइट्स रद्द हुई हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, जयपुर, भोपाल और त्रिची जैसे बड़े शहर शामिल हैं।

सरकार ने सख्ती दिखाते हुए आज रात 8 बजे तक पूरा रिफंड और 48 घंटे में बाकी सारे बैग डिलीवर करने का अंतिम आदेश दिया है। इंडिगो के सीईओ को 24 घंटे में लिखित जवाब देना है कि इतने बड़े संकट के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न हो। साथ ही सभी एयरलाइंस के किराए पर कैप लगा दिया गया है – 500 किमी तक अधिकतम 7500, 500-1000 किमी तक 12,000 और कुल अधिकतम किराया 18,000 रुपए (बिजनेस क्लास को छोड़कर)।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि जब तक एयरलाइन बाजार में सिर्फ दो कंपनियों का दबदबा है, तब तक किराया नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि पायलट ड्यूटी के नए नियम जनवरी 2024 में ही आ गए थे, लेकिन 23 महीने तक कोई तैयारी नहीं की गई और जब संकट बेकाबू हुआ तो हार मान ली गई। अब भी हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हैं, लेकिन रिफंड और बैगेज लौटने की रफ्त से यात्रियों में थोड़ी उम्मीद जगी है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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