Indigo crisis: 5% उड़ानें कट, 827 करोड़ रिफंड, शेयर 18% टूटा, DGCA का नोटिस, मंत्री ने कहा – ‘देश को 5 नई एयरलाइन्स की जरुरत’

December 9, 2025 3:12 PM

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन Indigo पिछले 8 दिनों से गंभीर संकट का सामना कर रही है। इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में कंपनी की 5 प्रतिशत उड़ानों में कटौती का सख्त निर्देश जारी किया है। यह फैसला मुख्य रूप से उन रूटों पर लागू होगा जहां मांग ज्यादा है और उड़ानें बार-बार चलती हैं। इंडिगो रोजाना करीब 2300 उड़ानें संचालित करती है, इसलिए इस कटौती से लगभग 115 उड़ानें कम हो जाएंगी।

अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि एयरलाइन अपनी वास्तविक क्षमता के अनुसार ही काम कर सके।

बुधवार तक नया शेड्यूल जमा करने का निर्देश, IAS अधिकारी एयरपोर्ट में संभालेंगे स्थिति

मंत्रालय ने इंडिगो को बुधवार शाम 5 बजे तक संशोधित उड़ान शेड्यूल जमा करने का आदेश दिया है। सूत्रों के अनुसार, डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने इस संबंध में औपचारिक नोटिस भेज दिया है। कटौती ऐसे रूटों पर की जाएगी जहां कनेक्टिविटी पर कम असर पड़े। आने वाले दिनों में अगर जरूरत पड़ी तो यह कटौती और बढ़ाई जा सकती है।

इसी बीच केंद्र सरकार ने स्थिति की जांच के लिए 10 प्रमुख हवाई अड्डों पर वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है। ये अधिकारी डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के हैं, जो यात्रियों की शिकायतों का पता लगाएंगे। शामिल हवाई अड्डे हैं: मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम।

उड़ानें रद्द होने का सिलसिला जारी, मंत्री ने कहा- जवाबदेही तय होगी

मंगलवार को भी इंडिगो की उड़ानें रद्द होने का क्रम जारी रहा। सुबह 10:30 बजे तक बेंगलुरु और हैदराबाद से 180 से ज्यादा उड़ानें कैंसल हो चुकी थीं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने लोकसभा में कहा कि इंडिगो की जवाबदेही तय की जाएगी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एयरलाइन को तुरंत रिफंड देने के निर्देश दिए गए हैं और कटौती वाली उड़ानों के स्लॉट अन्य एयरलाइनों को दिए जा रहे हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि भारत के एविएशन सेक्टर में बढ़ती मांग को देखते हुए कम से कम 5 नई बड़ी एयरलाइनों की जरूरत है, और नई कंपनियां शुरू करने का यह सही समय है।

इंडिगो का दावा- 91% उड़ानें समय पर, 827 करोड़ का रिफंड प्रोसेस

इंडिगो ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा कि उसका नेटवर्क पूरी तरह बहाल हो गया है और 91 प्रतिशत उड़ानें समय पर चल रही हैं। कंपनी का दावा है कि रोजाना 2 लाख यात्रियों को विभिन्न माध्यमों से मदद दी जा रही है। 15 दिसंबर 2025 तक रद्द उड़ानों के लिए 827 करोड़ रुपये का रिफंड पहले ही संसाधित किया जा चुका है।

इसके अलावा, 1 से 7 दिसंबर के बीच फंसे यात्रियों के लिए 9,500 से ज्यादा होटल कमरे, 10,000 कैब और बसें उपलब्ध कराई गईं। कंपनी ने बताया कि 4,500 से अधिक बैग वापस कर दिए गए हैं और बाकी 36 घंटों में उनके मालिकों तक पहुंच जाएंगे। इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि एयरपोर्ट जाने से पहले उड़ान की स्थिति जांच लें और रिफंड के लिए वेबसाइट या कस्टमर केयर से संपर्क करें।

जांच पैनल सक्रिय, CEO को समन की संभावना, शेयर 18% गिरा

डीजीसीए ने इंडिगो के संकट की जांच के लिए 5 दिसंबर को 4 सदस्यीय पैनल गठित किया था। इस पैनल द्वारा बुधवार को कंपनी के सीईओ पीटर्स एल्बर्स और सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरस को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि विस्तृत जांच रिपोर्ट 15 दिनों में आएगी, जिसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

इंडिगो ने डीजीसीए को दिए जवाब में कहा कि समस्या की सटीक वजह अभी पता नहीं चली है और रूट कॉज एनालिसिस के लिए ज्यादा समय चाहिए। कंपनी ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) की चुनौतियों का जिक्र किया और घटना पर खेद जताया। इस संकट से इंडिगो का शेयर 8 दिनों में 18 प्रतिशत गिर चुका है, जो मंगलवार को 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,906 रुपये पर बंद हुआ।

मूडीज ने कंपनी की रेटिंग की ‘निगेटिव’,पीएम का बयान

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने इंडिगो की रेटिंग को ‘निगेटिव’ कर दिया है, क्योंकि कंपनी को नए नियमों की जानकारी एक साल पहले से थी, लेकिन कोई तैयारी नहीं की गई। चेन्नई में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के लिए आए विदेशी खिलाड़ियों के परिवारों ने इंडिगो से परेशान होकर कहा कि अब वे भारत में कोई उड़ान बुक नहीं करेंगे और सड़क मार्ग से सफर करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि किसी भी निर्दोष भारतीय को कानून या नियमों से परेशानी नहीं होनी चाहिए और सुधार हमेशा जनता की सुविधा के लिए होने चाहिए। उन्होंने अर्थव्यवस्था के अलावा समाज के हर क्षेत्र में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। इस पूरे घटनाक्रम से एविएशन सेक्टर में हलचल मची हुई है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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